वाराणसी, जेएनएन। कानून-व्यवस्था संभालने वाला वर्दीधारी अब युवाओं को शिक्षित करने का काम करेगा। रोहनिया थाने पर मंगलवार को माहौल उस समय खुशनुमा हो गया जब थाने पर तैनात सिपाही विनोद कुमार राय के असिस्टेंट प्रोफेसर पर चयनित होने की खबर मिली। 2011 बैच के सिपाही विनोद कुमार का चयन उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा आयोग द्वारा आयोजित असिस्टेंट प्रोफेसर हिंदी के पद पर चयन हुआ। थाना प्रमुख से लेकर अन्य पुलिसकर्मियों ने विनोद का मुंह मीठा कराते हुए पीठ थपथपाई। प्रयागराज के शंकरगढ़ थाना क्षेत्र के कसौटा गांव निवासी विनोद ने बताया कि कम समय मिलने के बाद भी तैयारी में लगा रहता था जिसका परिणाम सामने है। तीन भाई और दो बहनों में सबसे बड़े विनोद के पिता राम कैलाश यादव किसान हैं।

परीक्षा परिणाम आने के बाद विनोद ने कहा कि 15 जनवरी 2011 को सिपाही पद पर ज्‍वाइन किया था। जब लगा कि अब स्थिति कुछ सुधरी है तो पढ़ाई में जुट गया। पुलिस की नौकरी से जब दिन में समय मिलता तो परीक्षा की तैयारी करता रहा। शिक्षा के क्षेत्र में जाने का पहले से ही सपना था। इसी को पूरा करने के लिए प्रयास करता रहा। इस बीच पिता और मां ने हौसला बढ़ाया। सफलता का श्रेय भी मात-पिता और साथी शैलेंद्र सिंह को दिया। विनोद यादव अपने साथ-साथ दो भाइयों की पढ़ाई का भी बीड़ा उठाया। छोटे भाई संजय और मझले भाई विवेक यादव भी पूरी तन्‍मयता के साथ पढ़ाई कर रहे हैं। विनोद के अनुसार परिवार की आर्थिक हालत ठीक नहीं थी इसलिए दोनों भाइयों को कभी इसकी कमी नहीं महसूस होने दिया। पुलिस की नौकरी में काफी चुनौती है इसके साथ पढ़ाई करना मुश्किल है, मगर लक्ष्‍य के प्रति लगे रहने से ही सफलता मिली। वर्ष 2015 में नेट जेआरएफ करने के बाद भी शिक्षक भर्ती की परीक्षा दी थी लेकिन रिटेन क्‍वालीफाई नहीं हो पाया था। इसके बाद भ्‍ाी हिम्‍मत नहीं हारी और प्रयास जारी रहा।

Posted By: Saurabh Chakravarty

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