वाराणसी के रवि पंखा के गोदाम से पूरे दिन उठता रहा धुआं, 25 करोड़ के नुकसान का अनुमान
वाराणसी के मड़ौली स्थित रवि पंखा इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के गोदाम में लगी भीषण आग 36 घंटे बाद भी पूरी ...और पढ़ें
HighLights
रवि पंखा गोदाम में 36 घंटे बाद भी आग जारी।
करीब 25 करोड़ रुपये से अधिक का सामान जला।
100 से अधिक दिहाड़ी मजदूरों की रोजी-रोटी प्रभावित।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। मड़ौली स्थित रवि पंखा इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के गोदाम में लगी भीषण आग 36 घंटे बाद भी पूरी तरह नहीं बुझ पाई। सोमवार तड़के करीब 4 बजे लगी आग के बाद मंगलवार को भी गोदाम से पूरे दिन धुएं का गुबार उठता रहा। आग में करीब 25 करोड़ रुपये से अधिक का सामान जलकर खाक होने का अनुमान है।
सोमवार भोर से लेकर मंगलवार सुबह तक फायर ब्रिगेड की टीमें आग बुझाने में जुटी रहीं। दर्जनों दमकल गाड़ियों से लाखों लीटर पानी की बौछार की गई, लेकिन बेसमेंट में 15 फीट मलबे के नीचे दबे फाइबर, केमिकल, वायर, पेंट के कारण बार-बार आग सुलगती रही। जहां से भी धुआं उठता दिखा, फायरकर्मियों ने पानी डालकर उसे लपटों में बदलने से रोका।
मंगलवार को गोदाम की इमारत खंडहर में तब्दील नजर आई। टूटी खिड़कियां, दरकी दीवारें और उठता धुआं बर्बादी की कहानी बयां कर रहे थे। इमारत के पिलर झुक गए हैं और जर्जर हालत के कारण आसपास लोगों के आने-जाने पर रोक लगा दी गई है। एहतियातन इलाके की बिजली भी मंगलवार सुबह तक काटी गई थी।
मंडुवाडीह थानाध्यक्ष दिगंबर उपाध्याय ने बताया कि गोदाम कर्मचारी की तरफ से तहरीर मिली है। मंगलवार दोपहर इंश्योरेंस विभाग की टीम नुकसान का आकलन करने पहुंची, लेकिन बेसमेंट में धुएं के कारण अंदर नहीं जा सकी।
मंगलवार को हैदराबाद से वाराणसी पहुंचे कंपनी के डायरेक्टर संजीव जयपुरिया ने गोदाम की हालत देखी तो आंखें नम हो गईं। फैक्ट्री मैनेजर अनादिशंकर गुप्ता ने बताया कि कारखाना 2007 से 16 विस्से में संचालित है।
दिहाड़ी मजदूरों पर रोजगार का संकट
इस आग से सबसे ज्यादा संकट दिहाड़ी मजदूरों पर है। अकेले इस गोदाम में 100 से अधिक लोगों की रोजी-रोटी चलती थी। अब गोदाम मरम्मत के बाद कब चालू होगा, इसका कोई पता नहीं है।
