काशी विद्यापीठ गेट पर जेन-जी साइकिल यात्रियों और पुलिस में नोकझोंक, एनएसयूआई और एबीवीपी ने एक दूसरे के खिलाफ लगाए नारे
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के गेट पर जेन-जी साइकिल यात्रा के दौरान पुलिस और छात्रों में नोकझोंक हुई, जिसमें स्याही ...और पढ़ें
HighLights
जेन-जी साइकिल यात्रा के दौरान काशी विद्यापीठ गेट पर हंगामा।
पुलिस और छात्रों के बीच नोकझोंक, स्याही फेंकी गई।
एनएसयूआई और एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे के खिलाफ नारे लगाए।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के गेट नंबर दो पर शनिवार को जेन-जी साइकिल यात्रा के दौरान जमकर हंगामा हुआ। विश्वविद्यालय परिसर में प्रवेश को लेकर पुलिस और यात्रा में शामिल युवाओं के बीच नोकझोंक और धक्का-मुक्की हो गई। इस दौरान गेट के अंदर से कार्यकर्ताओं पर स्याही और पानी फेंके जाने से विवाद और बढ़ गया।
पुलिस के अनुसार जेन-जी यात्रियों के पास विश्वविद्यालय परिसर में जाने की अनुमति नहीं थी, जबकि वे जबरन अंदर घुसने का प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान यात्रा में शामिल एनएसयूआई कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई। आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने भाजपा के खिलाफ नारेबाजी करते हुए गेट पर ही धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया।
एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधरी ने बताया कि जस्टिस मोर्चा के तत्वावधान में 20 अगस्त से 2 अक्टूबर तक जेन-जी साइकिल यात्रा निकाली जा रही है। यह यात्रा गोरखपुर से शुरू होकर लखनऊ तक जाएगी।
यात्रा का उद्देश्य वार्षिक भर्ती कैलेंडर जारी करना, रिक्त पदों को भरना, लंबित भर्तियां पूरी करना, छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेना, एनटीए को समाप्त करना, परीक्षा में पारदर्शिता और स्कोर बोर्ड लागू करना, नॉर्मलाइजेशन पर रोक, एनईपी 2020 की वापसी, समान फैलोशिप, संविदा प्रथा पर रोक, फीस नियंत्रण, बेरोजगारी और पेपर लीक जैसे मुद्दों को उठाना है।
इसी क्रम में यात्रा विभिन्न जनपदों से होते हुए वाराणसी पहुंची थी। काशी विद्यापीठ के गेट नंबर दो पर कार्यकर्ता पोस्टर लगा रहे थे, आरोप है कि तभी परिसर के अंदर से एबीवीपी कार्यकर्ता शिवम तिवारी (25-30) ने पोस्टर खींचकर फाड़ दिए। इसके बाद दोनों छात्र संगठनों के बीच नारेबाजी शुरू हो गई।
एक तरफ एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने ‘बीजेपी मुर्दाबाद’ के नारे लगाए तो दूसरी तरफ एबीवीपी की ओर से ‘भारत माता की जय’ के नारे गूंजे। पुलिस ने दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया, जिसके बाद साइकिल यात्रा बीएचयू के लिए रवाना हो गई।
