वाराणसी, जेएनएन। ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत मंत्री श्रीकांत शर्मा ने मंगलवार को पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के अधीन बस्ती, गोरखपुर, आजमगढ़, मीरजापुर, प्रयागराज, वाराणसी व दक्षिणांचल निगम के अधीन आगरा, मथुरा, अलीगढ़, कानपुर, बांदा व झांसी जोन के मुख्य अभियंताओं के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से आपूर्ति व लाइन हानियां कम करने के अभियान की समीक्षा की। उन्होंने बिलिंग में गड़बड़ी की शिकायतों पर संबंधित एजेंसी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश देने के साथ ही संबंधित की जवाबदेही सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने 30 दिन के भीतर दक्षिणांचल के 1260 व पूर्वांचल के सभी चिह्नित 1246 हाई लॉस उपकेंद्रों को 15 प्रतिशत से नीचे ले आने के निर्देश भी दिए। कहा कि, ऐसा करके ही हम 24 घंटे की निर्बाध आपूर्ति के संकल्प को पूरा कर पाएंगे। वहीं लापरवाही पर पूर्वांचल व दक्षिणांचल निगम के निदेशक वाणिज्य को कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश दिया।

समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा कि कई जनपदों में टेबल बिलिंग, गलत बिलिंग का निराकरण न हो पाने की शिकायतें मिल रही हैं। यह ऊर्जा विभाग की उपभोक्ता हितैषी छवि को नुकसान पहुंचा रहा है। इसे किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं किया जा सकता है। जहां भी शिकायत आ रही है वहां एमडी विशेष टीम भेजकर परीक्षण करायें। जहां भी गड़बड़ी है वहां बिलिंग करने वाली एजेंसी के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई के साथ ही एफआईआर भी दर्ज करायें। उपभोक्ता की गलत बिलिंग की शिकायतों पर संबंधित अधिकारी की जवाबदेही भी एमडी अपने स्तर से सुनिश्चित करें। उन्होंने अध्यक्ष यूपीपीसीएल व प्रबंध निदेशक को भी निर्देशित किया कि कहीं भी लापरवाही की गुंजाइश न रहे वे स्वयं इसकी नियमित निगरानी करें। सरकार ने पूरे प्रदेश को 24 घंटे निर्बाध आपूर्ति का संकल्प लिया है, इसे हर हाल में पूरा करना है। इसके लिए लाइन लॉस 15 प्रतिशत से नीचे लेकर आना होगा।

दीपावली से पहले सभी ट्रांसफार्मरों का हो लोड बैलेंसिंग

मंत्री ने ट्रांसफार्मरों की लोड बैलेंसिंग न करने, उनके फुंकने के कारणों की सही जानकारी न दे पाने व लक्ष्यपूर्ति में लापरवाही पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि लापरवाही से ईमानदार उपभोक्ता को नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने दीपावली से पहले सभी वितरण ट्रांसफार्मरों की लोड बैलेंसिंग कराने के भी निर्देश दिये हैं। जिससे निर्बाध आपूर्ति में कोई कठिनाई न आए। उन्होंने निर्देशित किया कि सभी मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता, अधिशासी अभियंता व एसडीओ अपने अधीन उपकेंद्रों का निरीक्षण कर मानकों के अनुसार कार्य कराएं। एक माह बाद सभी के कार्यों की पुन: समीक्षा की जाएगी, लापरवाही पर जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी।

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