भदोही, जेएनएन। गेहूं खरीद सत्र 2020-21 महज तीन दिन बचा है। सरकार की ओर से यदि सत्र को बढ़ाया नहीं गया तो जिले के तीन हजार किसानों को करारा झटका लगेगा। पोर्टल पर पंजीयन कराने के बाद भी उनके ऊपज की खरीद नहीं हो सकेगी। आंकड़ों पर गौर किया जाए तो गेहूं खरीद के मामले में इस बार वर्ष 2012-13 का रिकार्ड टूट गया है।

किसानों के ऊपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए जिले में विपणन विभाग के अलावा अन्य एजेंसियों के कुल 24 गेहूं खरीद केंद्र खोले गए हैं। शासन की ओर से इस बार जिले को किसी भी प्रकार का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। ऊपज को बेचने के लिए अब तक नौ हजार से अधिक किसान आनलाइन पंजीयन करा चुके हैं। इसमें से महज छह हजार किसानों से ही खरीद की गई है। 15 जून को सत्र समाप्त हो जाएग। रविवार को अवकाश होने से केंद्र बंद ही रहेगा। सोमवार और मंगलवार दो दिन का समय बचा है। जानकारों का कहना है कि यदि खरीद सत्र नहीं बढ़ाया गया तो करीब तीन हजार किसानों को झटका लगेगा। जिला खाद्य विपणन अधिकारी श्याम कुमार मिश्रा ने बताया कि इस साल रिकार्ड खरीद की गई है। शासन की ओर से एक ही कांटा लगवाने का निर्देश दिया गया है। सत्र बढ़ाने को लेकर भी ऊपर मंथन चल रहा है। यदि समय नहीं मिला तो कुछ किसानों से खरीद नहीं हो सकती है। इसको लेकर किसानों में माथे पर बल पर गया है। आने वाले दिनों में जल्‍द से जल्‍द गेहूं की बिक्री होगी।

केंद्रों पर एक कांटा बना कारण

पंजीयन कराने के बाद भी किसान अपना ऊपज केंद्रों पर नहीं बेच पाएंगे। खरीद में धांधली को रोकने के लिए सरकार की और से केंद्रों पर एक ही कांटा लगाने का निर्देश दिया गया था। एक कांटा के मुताबिक टोकेन भी जारी किया जा रहा था। यही कारण रहा कि तीन हजार किसानों से खरीद नहीं हो सकेगी।

 

Edited By: Saurabh Chakravarty