महाशिवरात्रि की तैयारी में गंगातट पर चमकी शिव कचहरी, नन्हें हाथ भी स्वच्छता में दे रहे साथ
काशी में महाशिवरात्रि की तैयारियों के तहत गंगाघाटों पर विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है। गायघाट पर नमामि गंगे ...और पढ़ें

महाशिवरात्रि की तैयारी में गंगातट पर चमकी शिव कचहरी, नन्हें हाथ भी स्वच्छता में दे रहे साथ।
HighLights
महाशिवरात्रि के लिए गंगाघाटों पर विशेष स्वच्छता अभियान शुरू।
बच्चों और श्रद्धालुओं ने शिव कचहरी, विग्रहों की सफाई की।
बड़े महादेव, द्वादश ज्योतिर्लिंगों को गंगाजल से स्नान कराया गया।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। महाशिवरात्रि पर काशी में एक ओर जहां आयोजन की तैयारियां हैं तो वहीं मंदिरों में साफ सफाई का दौर भी चल रहा है। इसी कड़ी में गायघाट पर बड़े महादेव सहित द्वादश ज्योतिर्लिंग की स्वच्छता रूपी सेवा की गई। धर्म और आध्यात्म की राजधानी काशी में महादेव के प्रति अगाध श्रद्धा और भक्ति का होना कोई नई बात नहीं है। गंगातट पर भी एक ऐसा ही मनोरम दृश्य देखने को मिला।
महादेव के नन्हें भक्त शिव कचहरी को चमकाने में जुटे हुए थे। कई बच्चे नन्हे हाथों से नारियल की जटा लेकर शिव मंदिर के फर्श को साफ कर रहे थे। नमामि गंगे गंगा विचार मंच महानगर ने महाशिवरात्रि तक गंगातटीय शिवालयों में विशेष सफाई अभियान चलाने का निर्णय लिया है। इस अभियान में बड़े-बुजुर्गों के साथ-साथ बच्चे भी उत्साहपूर्वक शामिल हो रहे हैं। शनिवार को जिला संयोजक शिवम अग्रहरि के नेतृत्व में गोप्रेक्ष तीर्थ गायघाट पर बड़े महादेव और द्वादश ज्योतिर्लिंग की स्वच्छता का कार्य किया गया।
संस्था के सदस्यों ने घंटों श्रमदान कर जमी हुई काई को साफ किया। विग्रहों को गंगाजल से स्नान कराया गया। इसके बाद पुष्पहार, भस्म, जनेऊ, धूप, दीप और नैवेद्य अर्पित किए गए। इस कार्य में स्थानीय श्रद्धालुओं, नाविकों और अन्य भक्तों ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया। सत्यप्रकाश कुशवाहा, किरण पांडेय, अनुराग सोनकर, राम जी भगत, शिवा, संतुष्ट सोनकर, निखिल, नमन आदि ने इस सेवा कार्य में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
महाशिवरात्रि के अवसर पर इस प्रकार के स्वच्छता अभियान का आयोजन न केवल धार्मिक आस्था को प्रकट करता है, बल्कि समाज में स्वच्छता के प्रति जागरूकता भी फैलाता है। बच्चों का इस अभियान में सक्रिय भागीदारी यह दर्शाती है कि युवा पीढ़ी भी अपने धर्म और संस्कृति के प्रति सजग है।
गंगा किनारे स्थित शिवालयों की सफाई से न केवल धार्मिक स्थल की सुंदरता बढ़ती है, बल्कि यह श्रद्धालुओं के लिए एक प्रेरणा का स्रोत भी बनता है। इस प्रकार के आयोजन से समाज में एकता और सहयोग की भावना को भी बल मिलता है।महाशिवरात्रि के इस पावन पर्व पर गंगातट पर चलाए जा रहे इस सफाई अभियान ने सभी को एकजुट होकर कार्य करने की प्रेरणा दी है। यह न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि स्वच्छता के प्रति हमारी जिम्मेदारी को भी उजागर करता है।
