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रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में शिंजो आबे की स्मृतियों को देख भावुक हुईं पत्नी अकी आबे, कहा- जीवित होते तो यह क्षण देखकर गर्व होता

By Anoop AgrahariEdited By: Abhishek sharma
Published: Wed, 07 Oct 2026 04:48 PM (IST)

जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे की पत्नी अकी आबे ने वाराणसी के रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में 'आबे कॉरिडोर' का ...और पढ़ें

HighLights

  1. अकी आबे ने वाराणसी में 'आबे कॉरिडोर' का अनावरण किया।

  2. शिंजो आबे की स्मृतियां देख अकी आबे भावुक हुईं।

  3. सीएम योगी ने भारत-जापान दोस्ती को मजबूत बताया।

जागरण संवाददाता, वाराणसी। जापान के पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत शिंजो आबे की पत्नी अकी आबे बुधवार को वाराणसी के रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर पहुंचीं, जहां शिंजो आबे के नाम समर्पित 'आबे कॉरिडोर' का अनावरण किया गया। कॉरिडोर में लगी आबे की तस्वीरों और स्मृतियों को देखकर अकी आबे भावुक हो गईं।

अकी आबे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यदि शिंजो जीवित होते तो वह जरूर काशी आते और यह सम्मान देखकर भावुक हो जाते। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने भारत-जापान दोस्ती की एक मिसाल पेश की है।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अकी आबे को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। सीएम योगी ने कहा कि मोदी और आबे की दोस्ती पद की नहीं, बल्कि विश्वास और संस्कृति की दोस्ती थी। रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर भारत-जापान मैत्री का प्रतीक है और यहां बना आबे कॉरिडोर दोनों देशों की मित्रता को हमेशा याद दिलाएगा।

उन्होंने बताया कि भारत में जापान की 1400 कंपनियां काम कर रही हैं और उत्तर प्रदेश में जापान ने 9 हजार करोड़ का निवेश किया है। जापान की धार्मिकता का रास्ता यूपी से निकलता है। कार्यक्रम के दौरान काउंसिल फॉर मीडिया एंड पब्लिक पॉलिसी रिसर्च के निदेशक अशोक श्रीवास्तव ने अकी आबे को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संघर्ष पर आधारित पुस्तक भेंट की।

समारोह में महापौर अशोक तिवारी, राज्य मंत्री रविंद्र जायसवाल, विधायक सौरभ श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग मौजूद रहे। इस अवसर पर बड़ी संख्या में जेन-वी यानी स्कूली बच्चे भी उपस्थित रहे, जिन्होंने भारत-जापान मैत्री के प्रतीकों को करीब से देखा।