वाराणसी : शिवपुर थाना क्षेत्र के मीरापुर बसही चौराहे से मंगलवार की देर शाम अगवा किए गए सात साल के समीर प्रजापति का शव बुधवार को ऐढ़े गांव में दोपहर बाद खेत में मिलने से सनसनी फैल गई। हत्यारों ने समीर के सिर व गले में गंभीर चोट पहुंचाई थी। गले में बांयी तरफ सुराख था। बांयी आंख पर भी चोट के निशान थे। समीर की हत्या की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए परिजनों संग क्षेत्रीय लोगों ने मीरापुर बसही इलाके में चौराहे के पास चक्काजाम कर दिया। सूचना पर पहुंची कैंट व शिवपुर पुलिस ने हत्यारों को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार करने का दावा करते हुए जाम समाप्त कराया। मृतक के पिता छेदी प्रजापति ने पट्टीदार पर हत्या का आरोप लगाते हुए शिवपुर थाने में चोलापुर के जगदीशपुर निवासी राजेंद्र व राकेश के खिलाफ अपहरण, हत्या समेत अन्य धाराओं में मुकदमा कायम कराया है।

मीरापुर बसही निवासी छेदी मूल निवासी चोलापुर का है। एसपी सिटी दिनेश सिंह ने बताया कि जगदीशपुर में पट्टीदार राजेंद्र सिंह से 12 बिस्वा जमीन को लेकर कचहरी में मुकदमा चल रहा है। मंगलवार को मामले में सुनवाई भी थी। दस साल पहले भी जमीन विवाद में दोनों पक्षों के बीच मारपीट हुई थी। परिजनों के आरोप पर मुकदमा कायम कर गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है ताकि हत्या के तरीके का पता चल सके।

पुलिस ने दिखाई होती सक्रियता तो बच सकती थी जान

समीर घर के बाहर मंगलवार की शाम खेल रहा था। दो बहनों के बीच इकलौते भाई समीर को देखने के लिए मां बाहर निकली तो वह नहीं मिला। काफी देर तक इधर-उधर खोजबीन करने के बाद भी वह नहीं मिला तो परिजन चांदमारी चौकी पहुंचे और बेटे की तलाश की गुहार लगाई। पुलिस ने नियम-कानून का हवाला देते हुए 24 घंटे बाद रिपोर्ट दर्ज करने की बात कही। चांदमारी चौकी प्रभारी ने यदि बिना रिपोर्ट लिखे ही समीर की तलाश शुरू कराई होती तो शायद वह जिंदा मिल जाता।

Posted By: Jagran