वाराणसी, जेएनएन। सस्ती बाइक का सब्जबाग दिखाकर ठगों ने दो लोगों से साढ़े सात हजार रुपये ऐंठ लिए। दोनों बाइक प्राप्त करने एयरपोर्ट पहुंचे तो उन्हें ठगे जाने का एहसास हुआ। दरअसल, ठगों ने खुद को सीआइएसएफ का जवान बताते हुए तैनाती वाराणसी एयरपोर्ट पर बताई थी, जो झूठी निकली। 

जमानियां (गाजीपुर) के नीतीश यादव शुक्रवार को एयरपोर्ट पहुंचे।  सीआइएसएफ के जवानों से मिलकर श्रीकांत के बारे में जानकारी चाही। वहां बताया गया कि उनकी कंपनी में श्रीकांत कोई नहीं है। लोगों ने नीतीश से सच्चाई जानी तो हैरान रह गए। उसने बताया कि एक युवक खुद सीआइएसएफ से जोड़ते हुए अपनी बाइक का सौदा किया था। एक निजी कंपनी की साइट पर बाइक की फोटो शेयर की थी। उसके झांसे में आकर हमने पेटीएम के जरिये 5100 रुपये उसके खाते में ट्रांसफर कर दिये। नीतिश ने बताया कि वह वाराणसी के ही दुर्गाकुंड में रहकर मेडिकल की पढ़ाई करता है।

कमोबेश ऐसी ही घटना चंदौली के महेंद्र दुबे के साथ हुई। उनके खाते से गूगल के जरिये 2400 रुपये ठगों ने अपने बैंक खाते में ट्रांसफर करा लिए। इस मामले में भी ठग ने खुद को एयरपोर्ट की सीआइएसएफ कंपनी से जुड़ा होना बताया था। महेंद्र दुबे भी एयरपोर्ट पहुंचे तो उन्हें निराशा हाथ लगी। सीआइएसएफ प्रशासन ने थाने में शिकायत की सलाह देते हुए अलर्ट रहने की नसीहत दी। हालांकि, इस तरह का वाक्या पहले भी हो चुका है। ठगी के शिकार लोगों की फेहरिस्त लंबी हो चुकी है। सबकुछ जानने के बावजूद जिम्मेदार खामोश हैं। 

Posted By: Abhishek Sharma

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