चंदौली [जितेंद्र उपाध्याय]। चुनाव आयोग ने लोकसभा चुनाव में इस बार महिला कर्मियों को बूथ का जिम्मा सौंपा है। यह बूथ सखी बूथ के नाम से रहेगा। प्रत्येक विधान सभा क्षेत्र में यह ऐसा बूथ रहेगा जिसमें पीठासीन अधिकारी से लेकर प्रथम, द्वितीय और तृतीय मतदान अधिकारी महिला ही होंगी। खास यह कि बूथ पर सुरक्षा का जिम्मा भी महिला फोर्स संभालेंगी। इन बूथों का चयन रेंडामाइजेशन (क्रम रहित) से किया जाएगा।

लोकसभा चुनाव में जहां महिलाओं की भागीदारी अहम होगी वहीं पोलिंग बूथों पर महिलाओं की कमान होगी। इससे महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा, महिलाओं का मतदान प्रतिशत बढ़ाना, चुनाव में महिलाओं की भागीदारी बढ़े एवं भयमुक्त वातावरण में वे मतदान करें। आयोग की इस अभिनव पहल का समाज में यह भी संदेश जाएगा कि महिलाएं मतदान तो करती है मतदान कराने में भी सक्षम है या नहीं।

मिलेगा भयमुक्त वातावरण : महिलाओं का मतदान बढ़ाने और मतदान को लेकर उन्हें भयमुक्त करने के लिए चुनाव आयोग सखी बूथ बना रहा। इन बूथों पर मतदान प्रतिशत बढ़ा तो विधानसभा चुनाव में बूथों की संख्या में खासा इजाफा हो सकता है।

दी जाएगी ट्रेनिंग : महिला बूथों पर तैनात कर्मियों का बर्ताव शालीनतापूर्वक रहेगा। इन बूथों के संचालन को खास ट्रे¨नग दी जाएगी। उन्हीं कर्मियों को लगाया जाएगा जो कार्य में दक्ष, व्यवहार में कुशल और समस्या से निबटने में सक्षम होंगी।

बूथ चयन की प्रक्रिया शुरू : विधानसभा क्षेत्रों के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में वे बूथ खंगाले जा रहे जहां महिला मतदाताओं की संख्या अधिक है। या जहां पुरुषों के मुकाबले महिलाओं ने अधिक मतदान किया है। ऐसे बूथों पर सुरक्षा ²ष्टि का भी ध्यान रखा जाएगा। ताकि मतदान में किसी तरह की दिक्कत न आए।

रहेगा एक ड्रेस कोड : महिला बूथों पर तैनात पीठासीन अधिकारी व मतदान कर्मियों का एक ड्रेस कोड रहेगा। यह ड्रेस कोड कौन सा है इसका जिला निर्वाचन विभाग को चयन करना है। वैसे महिला पुलिस कर्मी बाकायदा अपनी ड्रेस व शस्त्र के साथ तैनात की जाएगी। 

बोले अधिकारी : आयोग के निर्देश पर बूथों की चयन प्रक्रिया शुरू हो गई है। ऐसे बूथ देखे जा रहे जहां महिलाओं का अधिक मतदान हुआ या महिला मतदाता ज्यादा हैं। इन पर तैनात होने वाली महिला कर्मियों के लिए भी चयन प्रक्रिया शुरू है। -डा. एके श्रीवास्तव, मतदान कामक प्रभारी/सीडीओ।

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