वाराणसी, जेएनएन। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम में कार्यरत वरिष्ठ लिपिक को बसों में बेटिकट यात्रियों की चेकिंग का अधिकार नहीं होगा। लखनऊ मुख्यालय ने इन्हे तत्काल प्रवर्तन दल से हटाकर मूल जिम्मेदारी सौंपने का आदेश जारी किया है। साथ ही प्रधान प्रबंधक (प्रवर्तन) डीबी सिंह ने आदेश की अनदेखी करने वाले क्षेत्रीय प्रबंधक को सख्त कार्रवाई की हिदायत दी है।

परिवहन मंत्री अशोक कटारिया के निर्देश का हवाला देते हुए जारी सर्कुलर के माध्यम से कहा कि वरिष्ठ लिपिक को प्रवर्तन दल में शामिल करना अत्यंत ही खेदजनक है। गत तीन जून को परिवहन मंत्री अशोक कटारिया की अध्यक्षता में संपन्न बैठक के दौरान अधिकृत कर्मचारी को ही प्रवर्तन दल का हिस्सा बनाने पर चर्चा हुई थी।

बता दें कि रोडवेज में सहायक यातायात निरीक्षक एवं यातायात निरीक्षक की कमी के चलते बाबुओं को प्रवर्तन दल में शामिल कर बेटिकट यात्रियों की जांच का काम लिया जा रहा है।

ये कर्मचारी प्रमोशन पाकर वरिष्ठ लिपिक बनने के बावजूद प्रवर्तन दल का हिस्सा बने हुए हैं। लिहाजा इनसे अब पद के अनुरूप काम लेने के आदेश दिए गए हैं। जबकि प्रवर्तन दल का मुखिया यातायात अधीक्षक होता है। इनका सहयोग सहायक यातायात निरीक्षक और यातायात निरीक्षक करते हैं। मगर इनकी संख्या कम होने से बसों की चेकिंग नहीं हो पाएगी।

Edited By: Abhishek Sharma