वाराणसी, जेएनएन। जिले में किसानों की आय बढ़ाने के लिए इंटीग्रेटेड फार्मिंग सिस्टम को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके तहत किसानों को परंपरागत खेती के साथ समेकित खेती के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इस बार रबी की खेती के लिए किसानों को गेहूं, मटर, चना व सब्जियों के बीज वितरित किए जाएंगे। यह जानकारी कृषि विज्ञान संस्थान, बीएचयू के सस्य विज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रो. जेएस बोहरा ने दी। 

उन्होंने बताया कि मिनिस्ट्री ऑफ एग्रीकल्चर एंड फार्मर्स वेलफेयर योजना के तहत बीएचयू के कृषि फार्म में इंट्रीग्रेटेड फार्मिंग सिस्टम मॉडल स्थापित किया गया है। यहां किसानों को परंपरागत खेती के साथ पशु पालन, मत्सय, मधुमक्खी, मुर्गी, बकरी पालन आदि के लिए प्रशिक्षित किया जाता है। यहां प्रशिक्षित किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए नेशनल मिशन फॉर सस्टेनेबल एग्रीकल्चर योजना के तहत उन्हें सब्जियों, गेहूं समेत अन्य बीज वितरित किए जाएंगे। बुधवार को सांसद आदर्श गांव जयापुर व नागेपुर में मॉडल से जुड़े किसानों को सब्जी के बीज वितरित होंगे। वहीं चिरईगांव के सीओ में गुरुवार को बीज बांटा जाएगा। वहीं कृषि विशेषज्ञ किसानों को सब्जी के बीज लगाने व खर-पतवार से बचाव की भी जानकारी देंगे।

वहीं धान की फसल पूर्वांचल में तैयार हो चुकी है और जल्‍द ही फसल कटकर खलिहान में पहुंच जाएगी और खेत भी खाली हो जाएंगे। ऐसे में खाली खेताें में रवी की फसल के लिए खेतों को तैयार करने और गेहूं बोने की तैयारियां भी जल्‍द ही पूर्वांचल के किसान करने भी लगेंगे। ऐसे में बीएचयू से मिलने वाले लाभ का प्रयोग कर पूर्वांचल और अासपास के किसान भी अपनी फसलों के उत्‍पादन को और बेहतर कर सकते हैं। पूर्व की ही भांति इस बार भी बीएचयू में कृषि विभाग ने आसपास के किसानों को विभिन्‍न सरकारी योजनाआें का लाभ देने के क्रम में किसानों को बीजों का वितरण शुरू करने की तैयारी की है। 

Posted By: Abhishek Sharma

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