वाराणसी, जेएनएन। आइएमएस-बीएचयू अस्पताल में एक बड़ी लापरवाही से दो-दो मरीजों की जान पर बन आई है। अस्पताल के सारी आईसीयू वार्ड में भर्ती बनारस के मंगारी गांव के एक 65 वर्षीय रोगी रमेश सिंह को दूसरे समूह का प्लाज्मा चढ़ा दिया गया, जबकि उन्हें प्लाज्मा की जरूरत ही नहीं थी।

एक बैग प्लाज्मा चढ़ जाने के बाद दूसरा बैग भी लगा दिया गया, इतने में मरीज अचानक छटपटाने लगा। यह देख आईसीयू वार्ड के डॉक्टरों ने तत्काल मरीज के परिजनों को बोला कि आपका मरीज बद्तमीजी कर रहा है। इसपर जब परिजन अंदर पहुंचे तो देखा कि उन्हें ए ब्लड ग्रुप का प्लाज्मा चढ़ाया जा रहा है, जबकि प्लाज्मा उनसे मंगाया ही नहीं गया। इस पर परिजनों ने तुरंत वीडियो बनाकर सवाल-जवाब डॉक्टरों से करना शुरू किया तो सभी रेजिडेंट इस गलती की जिम्मेदारी लेने से बचते-कतराते नजर आए।

मरीज का ब्लड ग्रुप ओ था जबकि उन्हें बिना जरूरत के ए ग्रुप का रक्त चढ़ा दिया। इससे जिसे लापरवाही के कारण प्लाज्मा चढ़ा उसकी हालत गंभीर तो हुई ही साथ में जिस बेड संख्या 13 वाले मरीज देवेंद्र को इसकी जरूरत थी उसकी भी स्थिति दयनीय हो गई है। उधर, परिजनों ने बताया कि उनके मरीज रमेश सिंह लगभग ठीक हो चुके थे, डॉक्टरों ने कहा दिया था कि उन्हें आज आईसीयू से वार्ड में भर्ती करना है। मगर तब तक इस लापरवाही से उनकी हालत बेहद खराब हो चुकी है।

यह मंजर देख वहां मरीज के घर से कई परिजन जुट गए, इस बीच उन्होंने इसकी शिकायत तत्काल उच्चाधिकारियों और सुरक्षाकर्मियों से की। जब कहीं सुनवाई नहीं गई, तो वह चिकित्सा अधीक्षक प्रो. शरद माथुर को एक पत्र लिखकर उनके ऑफिस में एक अधिकारी को दिए।  प्रो. शरद माथुर ने बताया कि वह थोड़ी देर में आईसीयू में पंहुचकर इस लापरवाही का जायजा लेंगे, इसके बाद ही कुछ निर्णय लेंगे।

गलत प्लाज्मा प्रकरण में जांच के लिए गठित हुई कमेटी

बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल स्थित आइसीयू में गलत ग्रुप का प्लाज्मा चढ़ाने के प्रकरण में मामला तूल पकड़ता देख जांच कमेटी गठित कर दी गई है। दरअसल मरीज रमेश सिंह अब किसी भी वक्त दम तोड़ सकते हैं। उसनकी पल्स बेहद नीचे आ गई है। इस दौरान हालत अधिक बिगड़ जाने के बाद पिंडरा विधायक अवधेश सिंह और लंका पुलिस स्थिति का जायजा लेने पहुंची थी। जब से प्लाज्मा चढ़ाया गया है तभी से मरीज रमेश सिंह बेसुध हो चुके हैं। उनके परिजनों को बिलख कर रोते देख विधायक ने तत्काल इसके दोषियों पर कार्रवाई करने की बात कही। इसके बाद मौके पर पहुंचे बीएचयू अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक ने इस लापरवाही की जांच के लिए एक कमेटी गठित करने की बात कही। विधायक ने कहा कि अस्पताल में दो-दो मरीजों की जान खतरे में डाली गई है। वहीं विधायक के पूछने पर अस्पताल में चिकित्सा अधीक्षक प्रो. माथुर ने कहा कि आइसीयू में नर्सिंग स्टाफ था, कोई डाक्टर नहीं। इस दौरान उन्होंने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को भी इस घटना से अवगत कराया है। साथ में मौजूद लंका पुलिस के अधिकारियों से एफआइआर लिखने की बात कही।

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