वाराणसी, जेएनएन। यात्री को अपने मित्र के पास भोजन करने जाना महंगा पड़ गया। यात्री जब आधे घंटे बाद अपनी सीट पर लौटा तो उस पर कोई और आराम करता मिला। यात्री ने जानकारी की तो पता चला कि टिकट निरीक्षक ने सीट आराम कर रहे यात्री को पैसे लेकर आवंटित कर दी है। मामला वाराणसी कैंट स्टेशन का है।

19422 पटना-अहमदाबाद एक्सप्रेस में शशिरंजन पटना से दाहोद जा रहे थे। कैंट स्टेशन पहुंचने पर दो बोगी छोड़कर अपने मित्र के पास भोजन करने चले गए। वहां से वह लौटे तो उनकी बोगी एस-2 की 55 नंबर पर सीट पर कोई और बैठा था। उन्होंने  पूछताछ की सीट पर बैठे व्यक्ति ने बताया कि उसे सतना तक जाना है। यह सीट  टीटीई ने दी है। शशिरंजन ने टीटीई से इस बाबत शिकायत की तो उसने नियम का हवाला देकर सीट से हटने को यात्री की गलती बताई।

इस पर नाराज यात्री ने उच्चाधिकारियों से शिकायत की तो करीब एक घंटा बाद टीटीई आया और दूसरी सीट देकर चला गया। इस बाबत पूर्वोत्तर रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी महेश गुप्त ने बताया कि मामले की जांच जा रही है और दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

सर्वर पर कैंट तो हकीकत में आउटर पर बेगमपुरा एक्सप्रेस : रेलवे के सर्वर पर विभाग की बाजीगरी का खेल जारी है। जम्मूतवी से  वाराणसी आ रही 12238 नंबर ट्रेन लखनऊ आकर एक घंटा देरी से चलने लगी। यह ट्रेन निर्धारित समय 12.20 की जगह दोपहर 2.04 बजे कैंट स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या छह पर आई। वहीं, सर्वर के मुताबिक ट्रेन 1.24 बजे ही कैंट स्टेशन पहुंच गई थी।

Posted By: Saurabh Chakravarty

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