वाराणसी (पूर्वांचल डेस्‍कक)। सावन माह के पहले दिन रविवार को सुबह से ही श्रद्धालुओं का शिवालयों में पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। भक्तों की भीड़ से शिवाले गुलजार रहे और इस दौरान महादेव के जयकारे से वातावरण गूंजता रहा। वाराणसी में काशी विश्‍वनाथ मंदिर में सुबह मंगला आरती के बाद दर्शनार्थियों की भीड़ उमड़ने लगी और बाबा दरबार में आस्‍थावानों ने हाजिरी लगाकर बाबा का जलाभिषेक किया।

सुबह गंगा स्नान के बाद बाबा दरबार में जलाभिषेक के लिए पहुंचे और आस्‍था की डोर पर बाबा दरबार हर हर महादेव के उद्घोष से गूंज उठा। हालांकि, इस दौरान कोरोना गाइड लाइन का भी पूरा पालन किया गया। वहीं बीएचयू विश्‍वनाथ, सारंगनाथ, मारकंडेश्‍वर महादेव, तिलभांडेश्‍वर महादेव सहित कई मंदिरों और शिवालयों में आस्‍था परवान चढ़ी रही।  वहीं सोनभद्र, बलिया, मऊ, गाजीपुर, आजमगढ़, मीरजापुर, जौनपुर, भदोही और चंदौली आदि जिलों के चर्चित शिवालयों में लोग सुबह जलाभिषेक करने पहुंचे और हर हर महादेव के उद्घोष से प्रांगण गूंज उठा।

काशी में प्रतिबंध : सावन में जलाभिषेक के लिए श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं के आगमन के मद्देनजर अपर पुलिस उपायुक्त यातायात विकास कुमार ने डायवर्जन जारी किया है। यह 22 अगस्त तक जारी रहेगा। इसमें गोदौलिया की ओर जाने वाले वाहन मैदागिन, लक्सा, बेनिया तिराहा, सोनारपुरा व रामापुरा चौराहे पर रोक दिए जाएंगे।

वाहन प्रतिबंधित क्षेत्र : मैदागिन से गोदौलिया होते रामापुरा और रामापुरा-गोदौलिया से मैदागिन तक संपूर्ण मंदिर मार्ग सावन के प्रत्येक रविवार को रात आठ बजे से मंगलवार सुबह आठ बजे तक के लिए नो व्हेकिल जोन घोषित कर दिया गया है। इसके तहत मैदागिन से गोदौलिया, रामापुरा तक और रामापुरा से गोदौलिया हो कर मैदागिन तक किसी प्रकार के छोटे-बड़े वाहन नहीं जाने दिए जाएंगे। यह मार्ग केवल पैदल यात्रियों के आने जाने के लिए मुक्त रखा जाएगा।

आजमगढ़ में भीड़ : शहरी क्षेत्र में सर्वाधिक भीड़ बाबा भंवरनाथ मंदिर में देखी गई। ग्रामीण क्षेत्रों में महाराजगंज के बाबा भैरवनाथ, फूलपुर के मुंडेश्वर महादेव मंदिर में लोगों ने शिवलिंग पर जलाभिषेक कर अपने और परिवार के लिए मन्नतें मांगी।महर्षि दुर्वाषा की तपोस्थली श्रद्धालुओं के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र बनी रही। यहां पर सुबह से ही सैकड़ों की संख्या में शिवभक्तों ने दूध, लावा, भांग, धतुरा के साथ जलाभिषेक किया। हर तरफ आडियो कैसेट के माध्यम से शिव चालीसा एवं भगवान भोलेनाथ की आरती की गूंज से माहौल भक्तिमय हो रहा था। कस्बा स्थित शंकरजी तिराहा पर भी लोगों ने शिवलिंग पर जलाभिषेक किया। अंबारी के राधाकृष्ण मंदिर परिसर में स्थापित शिवलिंग पर श्रद्धालु सुबह से ही जलाभिषेक कर रहे थे। मकसुदिया स्थित झारखंड महादेव मंदिर में प्रकट शिवलिंग पर सुबह से ही जलाभिषेक करने का सिलसिला जारी है। यहां पर काफी संख्या में महिलाओं द्वारा कड़ाही चढ़ाई जा रही थी। कोविड के चलते कांवड़ यात्रा स्थगित की गई है। सुरक्षा के लिए पुलिस तैनात की गई है।

 

Edited By: Abhishek Sharma