वाराणसी : संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के कर्मचारी सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुरूप वेतन व एरियर की मांग को लेकर अड़े हुए हैं। अवकाश में भी कर्मचारियों का प्रतीक धरना जारी है। उधर, पठन-पाठन सुचारू करने की मांग को लेकर छात्र भी धरने पर बैठे हुए हैं। हालांकि अलग-अलग धरने पर बैठे छात्रों व कर्मचारियों की मौजूदगी नाममात्र ही है।

कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सुशील कुमार तिवारी का कहना है कि पिछले 17 दिनों से कर्मचारियों का धरना जारी है। बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन कर्मचारियों की मांगों को लेकर मौन है। हालत यह है कि कर्मचारियों से वार्ता का भी प्रयास नहीं किया गया। एक बार कुलपति धरना स्थल पर आए और अध्यापकों से बात कर चले गए। उधर कुलपति प्रो. यदुनाथ दुबे का कहना है कि अध्यापकों, कर्मचारियों व छात्रों के लिए मेरे द्वार 24 घंटे खुले हैं। मैं धरनास्थल पर भी गया था लेकिन आंदोलनकारी अध्यापक व कर्मचारी बात सुनने के लिए तैयार नहीं हुए। फिर भी अध्यापकों, छात्रों व कर्मचारियों से वार्ता करने के लिए मैं तैयार हूं। आंदोलन खत्म कराने के लिए लगातार प्रयास जारी है। उम्मीद है कि अध्यापक व कर्मचारी जल्द काम पर लौट आएंगे। उधर धरने पर बैठे छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय में पठन-पाठन सामान्य होने तक आंदोलन जारी रहेगा। धरनारत छात्रों ने गणेश गिरी, जगदम्बा मिश्र, डा. रेवती रमण त्रिपाठी आदि हैं।

Posted By: Jagran

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