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Gen Z की जिज्ञासाओं का काशी में समाधान करेंगे संत- महात्मा, तीन नवंबर से होगा संस्कृति संसद 2026 का आयोजन

By Saurabh AgrawalEdited By: Abhishek sharma
Published: Sun, 11 Oct 2026 06:06 PM (IST)

तीन से पांच नवंबर तक वाराणसी के रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में 'संस्कृति संसद 2026' का आयोजन होगा। इसमें 'जेन जी ...और पढ़ें

HighLights

  1. तीन दिवसीय संस्कृति संसद 3-5 नवंबर को वाराणसी में।

  2. जेन जी कॉन्क्लेव में युवा-विशेषज्ञों का वैचारिक संवाद।

  3. संस्कृति को आधुनिक विज्ञान और नई पीढ़ी से जोड़ना लक्ष्य।

जागरण संवाददाता, वाराणसी। भारतीय संस्कृति, ज्ञान परंपरा और युवा पीढ़ी के बीच वैचारिक संवाद बढ़ाने के लिए तीन से पांच नवंबर तक रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में 'संस्कृति संसद 2026' आयोजित किया जाएगा। इसमें इस बार सबसे खास जेन जी कान्क्लेव है, जिसमें युवाओं की जिज्ञासाओं और उनके सवालों का जवाब संत, वैज्ञानिक, विद्वतजन देंगे।

गंगा महासभा की ओर से अखिल भारतीय संत समाज, अखाड़ा परिषद और श्रीकाशी विद्वत परिषद के मार्गदर्शन में होने वाले इस कार्यक्रम में देश भर से तीन हजार संत जुटेंगे। संस्कृति संसद 2026 को लेकर रविवार को छोटी गैबी स्थित गंगा महासभा के कार्यालय में अखिल भारतीय संत समिति व गंगा महासभा के राष्ट्रीय महामंत्री स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती, पातालपुरी मठ के जगद्गुरु बालक देवाचार्य, श्रीकाशी विद्वत परिषद् प्रो. राम नारायण द्विवेदी ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य संस्कृति को थाती मानने की बजाय समाज, आधुनिक विज्ञान, ज्ञान और नई पीढ़ी के जीवन से जोड़ना है।

जेन जी कान्क्लेव में 90 प्रतिशत युवा और 10 प्रतिशत विशेषज्ञ समकालीन प्रश्नों, तथ्यों और आंकड़ों पर अपने विचार रखेंगे। तीनों दिन शाम को राष्ट्र, धर्म, संस्कृति और संस्कार पर केंद्रित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी होंगी। श्रीराम, कृष्ण व शिव की पावन भूमि उत्तर प्रदेश: धरोहर, संरक्षण, संवर्धन विषय पर अंतरराष्ट्रीय चित्रकला व फोटोग्राफी प्रदर्शनी भी आयोजित होगी। इस दौरान आयोजन समिति के कार्यकारी अध्यक्ष कैलाश आचार्य, प्रभारी- युवा विमर्श, जेन जी कान्क्लेव आदेश भट्ट संयोजक, जेन जी कान्क्लेव नागेंद्र सिंह मौजूद रहे।

तीन दिनों तक यह होंगे कार्यक्रम
कार्यक्रम में मुख्य संस्कृति संसद, जेन जी कान्क्लेव, संस्कृति उत्सव, चित्रकला प्रदर्शनी, राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय फोटोग्राफी प्रदर्शनी, रंगोली प्रतियोगिता तथा बच्चों की चित्रकला व अन्य सांस्कृतिक गतिविधियां होंगी। प्रतिदिन सुबह 10 से शाम चार बजे तक संस्कृति संसद का सत्र चलेगा।