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बनारस में सड़कें खोदकर छोड़ दी, गेल के खिलाफ नगर न‍िगम दर्ज कराएगा प्राथमिकी

By Vns Arun Mishra Edited By: Abhishek sharma
Published: Mon, 12 Oct 2026 07:04 PM (IST)

काशी नगर निगम ने त्योहारों से पहले नागरिक सुविधाओं में सुधार और घाटों की सफाई का निर्णय लिया है। सड़क ...और पढ़ें

वाराणसी नगर निगम का बड़ा फैसला, गेल पर एफआईआर; त्योहारों से पहले शहर में सुधार और विकास कार्य तेज।

वाराणसी नगर निगम का बड़ा फैसला, गेल पर एफआईआर; त्योहारों से पहले शहर में सुधार और विकास कार्य तेज।

HighLights

  1. गेल के खिलाफ सड़क मरम्मत न करने पर प्राथमिकी दर्ज होगी।

  2. त्योहारों से पहले घाटों की सफाई और नागरिक सुविधाएं सुधरेंगी।

  3. ट्रेड लाइसेंस सरलीकरण, गौ संरक्षण उपविधि जैसे प्रस्ताव मंजूर।

जागरण संवाददाता, वाराणसी। त्योहारों से पहले काशी के घाटों, मंदिरों और गलियों को साफ-सुथरा बनाने के साथ नागरिक सुविधाओं में सुधार के लिए नगर निगम ने कार्रवाई तेज करने का निर्णय लिया है। गंगा में बाढ़ के बाद घाटों पर जमा सिल्ट हटाने के लिए अभियान शुरू करा दिया गया है। नवरात्र में नवदुर्गा मंदिरों तक पहुंचने वाले मार्गों पर सफाई और प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त की जाएगी।

पुराने वार्डों में सुस्त गति से चल रहे सीवर और पेयजल पाइपलाइन के कार्यों पर महापौर अशोक कुमार तिवारी ने नाराजगी जताते हुए मैनपावर बढ़ाने और तत्काल सीसीटीवी कैमरे लगवाने के निर्देश दिए। उधर, सड़कों की खुदाई के बाद मरम्मत नहीं कराने पर गेल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने को कहा गया है।

सोमवार को नगर निगम सभागार में महापौर की अध्यक्षता में हुई कार्यकारिणी समिति की बैठक में ट्रेड लाइसेंस के सरलीकरण, गौ संरक्षण उपविधि, पशु जन्म नियंत्रण केंद्र की क्षमता बढ़ाने और पर्यटन स्थलों के सुंदरीकरण समेत कई प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में आगामी दुर्गापूजा, विजयदशमी, छठ पूजा और देव दीपावली के मद्देनजर सफाई, सीवर निकासी, प्रकाश व्यवस्था और सड़क मरम्मत को प्राथमिकता देने पर जोर रहा।

घाटों की सफाई शुरू, पर्यवेक्षण के लिए नोडल अधिकारी नामित
गंगा में बाढ़ के बाद घाटों पर बड़ी मात्रा में सिल्ट जमा होने का मुद्दा उपसभापति नरसिंह दास ने उठाया। उन्होंने छठ पूजा और देव दीपावली को देखते हुए सभी घाटों पर युद्धस्तर पर सफाई अभियान चलाने की मांग की। साथ ही नवदुर्गा मंदिरों की ओर जाने वाली गलियों और सड़कों पर सफाई तथा प्रकाश व्यवस्था तत्काल दुरुस्त कराने पर जोर दिया।

नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बताया कि घाटों की सफाई शुरू करा दी गई है। अभियान की निगरानी के लिए नोडल अधिकारी भी नामित किए गए हैं। पार्षद संदीप रघुवंशी ने दुर्गापूजा पंडालों के आसपास सफाई, सीवर और प्रकाश व्यवस्था के साथ बारिश से क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत कराने की मांग रखी।

गेल की खुदाई से क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत नहीं होने पर कार्रवाई
पार्षद अशोक मौर्य ने बिजली विभाग और गेल कंपनी की ओर से सड़क खुदाई से पहले संबंधित पार्षद को सूचना देने की व्यवस्था सुनिश्चित करने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि खुदाई के बाद सड़क और पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने पर संबंधित ठेकेदार की जवाबदेही तय होनी चाहिए। इस पर नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बताया कि गेल की ओर से कई गलियों की मरम्मत अब तक नहीं कराई गई है।

मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्य अभियंता को गेल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश दिया गया है। दुर्गापूजा में विसर्जन की व्यवस्था पर भी चर्चा हुई। सभी जोनल अधिकारियों को अपने क्षेत्र के पूजा पंडाल आयोजकों के साथ बैठक कर विसर्जन स्थल चयनित करने और अस्थायी कुंड तैयार कराने को कहा गया। अपर नगर आयुक्त दुर्गेश मिश्रा ने बताया कि अस्थायी कुंड तैयार करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।

पांच साल तक कार्यदायी संस्था की होगी स्ट्रीट लाइटों की जिम्मेदारी
पार्षद मदन मोहन तिवारी ने स्ट्रीट लाइट और हाईमास्ट खराब होने पर मरम्मत में देरी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि पूर्व में 12 घंटे के भीतर लाइट ठीक करने का निर्देश दिया गया था, लेकिन इसका पालन नहीं हो रहा है। नवरात्र से पहले सभी खराब लाइटें दुरुस्त कराने और निजी कार्यदायी संस्थाओं से नगर निगम के लाइनमैनों के जरिये मरम्मत कराने पर रोक लगाने की मांग की।

महापौर ने स्पष्ट किया कि स्ट्रीट लाइटों के रखरखाव के लिए संबंधित कार्यदायी संस्थाओं से पांच साल का अनुबंध हुआ है। इस अवधि में लाइटों की मरम्मत और रखरखाव की जिम्मेदारी उन्हीं की होगी। खराब लाइटों को ठीक कराने में लापरवाही पर संबंधित एजेंसी की जवाबदेही तय की जाएगी।

सीवर-पेयजल कार्यों की सुस्ती पर महापौर नाराज
पुराने वार्डों में सीवर और पेयजल पाइपलाइन बिछाने का काम धीमी गति से होने पर महापौर ने जल निगम के अधिकारियों के प्रति नाराजगी जताई। उन्होंने मैनपावर बढ़ाकर कार्यों में तेजी लाने और तत्काल सीसीटीवी कैमरे लगवाने के निर्देश दिए। मुख्य अभियंता से प्रत्येक 15 दिन में विकास कार्यों की प्रगति रिपोर्ट भी मांगी गई।

नवरात्र के दौरान सीवर ओवरफ्लो होने पर जलकल विभाग की जिम्मेदारी तय करने का मुद्दा पार्षद संजय केशरी ने उठाया। वहीं, पार्षद राज कपूर चौधरी ने वाराणसी वेस्ट सॉल्यूशन कंपनी के खिलाफ कार्रवाई में शिथिलता पर सवाल उठाया। उन्होंने स्मार्ट सिटी परियोजना के पिछले दो वर्षों में प्राप्त और खर्च किए गए धन का मदवार ब्योरा तथा नगर निगम और स्मार्ट सिटी के बीच हुए अनुबंध की प्रमाणित प्रति उपलब्ध कराने की मांग की।

एबीसी सेंटर की क्षमता 300 होगी, प्रतिदिन 20-25 कुत्तों का बंध्याकरण
पार्षद प्रवीण राय ने ऐढ़ स्थित पशु जन्म नियंत्रण केंद्र में कुत्तों के बंध्याकरण की अद्यतन सूची और शहर में बंदरों को पकड़ने की कार्रवाई का ब्योरा मांगा। इस पर पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी डा. विजय अमृतराज ने बताया कि केंद्र में वर्तमान में एक साथ 132 कुत्तों को रखने की क्षमता है, जिसे बढ़ाकर 300 किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अभी प्रतिदिन 10 से 12 कुत्तों का बंध्याकरण किया जा रहा है। इसे बढ़ाकर प्रतिदिन 20 से 25 करने की योजना है। इससे शहर में आवारा कुत्तों की समस्या के नियंत्रण के प्रयासों को गति मिलेगी।

उत्तर प्रदेश नगर निगम अधिनियम-1959 की धारा 91 (1) के तहत अनुज्ञप्ति विभाग की ओर से प्रस्तुत ट्रेड लाइसेंस संबंधी सुधार प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसके तहत लगभग 60 मदों के शुल्क और नियमों को सरल बनाने का निर्णय लिया गया है। उद्देश्य व्यापारियों को राहत देना और लाइसेंस प्रक्रिया में लंबे समय से चली आ रही विसंगतियों को दूर करना है।

'ज्वलनशील वस्तुएं ट्रेड लाइसेंस-2024' तथा 'नगर निगम सीमान्तर्गत व्यापार नियंत्रण उपविधि-2026' के तहत रेस्टोरेंट, पेट्रोल पंप, मैरिज हाल, ज्वेलरी शोरूम और औद्योगिक प्रतिष्ठानों के लाइसेंस शुल्क व प्रक्रियाओं को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाया जाएगा। इससे व्यापारियों को अनावश्यक प्रक्रियागत जटिलताओं से राहत मिलने की उम्मीद है।

बैठक में धारा 91 (1) के तहत 'काशी गौ संरक्षण एवं निरीक्षण उपविधि-2026' को भी मंजूरी दी गई। इसके अतिरिक्त सेवारत और सेवानिवृत्त शासकीय कर्मचारियों के चिकित्सा प्रतिपूर्ति दावों के निस्तारण की प्रक्रिया सरल बनाने संबंधी शासनादेश को भी स्वीकृति मिली।

12 पर्यटन स्थलों के सुंदरीकरण समेत विकास प्रस्तावों पर मुहर
कार्यकारिणी की बैठक में शहर के 12 प्रमुख पर्यटन स्थलों के सुंदरीकरण सहित विभिन्न विकास परियोजनाओं पर सहमति बनी। हालांकि, उपलब्ध विवरण में सभी 12 स्थलों के नाम और परियोजनावार लागत का उल्लेख नहीं है। पार्षद बलिराम कन्नौजिया ने करसड़ा कूड़ा निस्तारण प्लांट के शेष कार्यों की समयसीमा स्पष्ट करने की मांग की।

पार्षद सुशीला ने रोहनिया विधानसभा के 10 वार्डों में जलभराव और नालियों पर अतिक्रमण का मुद्दा उठाया। उन्होंने स्टॉर्म वाटर निकासी के लिए आइआइटी बीएचयू के विशेषज्ञों से सर्वे कराकर प्रस्ताव तैयार करने का सुझाव दिया। महापौर ने तत्काल जलनिकासी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। पार्षद गोविंद प्रसाद सिंह ने 10 प्रतिशत से अधिक कम दर पर टेंडर देने संबंधी स्वीकृत संकल्प के उल्लंघन का मुद्दा उठाते हुए निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल किए। उन्होंने सामान्य और जलकल विभाग के लंबित कार्यों की वार्डवार सूची पार्षदों को उपलब्ध कराने की मांग की।

पौधरोपण का ब्योरा और रामनगर रामलीला की व्यवस्थाओं पर जोर
पार्षद संजय केशरी ने वित्तीय वर्ष 2024-25, 2025-26 और 2026-27 में वार्डवार तथा विधानसभावार लगाए गए पौधों की संख्या और उनकी वर्तमान स्थिति की सूची मांगी। वहीं, पार्षद माधुरी सिंह ने विश्वप्रसिद्ध रामनगर रामलीला स्थल और आसपास तीन पालियों में नियमित सफाई कराने, सीवर निकासी, प्रकाश व्यवस्था और रास्तों की मरम्मत का प्रस्ताव रखा।

पार्षद इंद्रा रानी ने स्मार्ट सिटी ऐप पर लंबित शिकायतों और गलत आख्या लगाकर शिकायतें बंद करने के मामलों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। ऋषि मांडवी जोन में म्यूटेशन की विसंगतियों पर महापौर ने नाराजगी जताई। बैठक में विभिन्न विभागों के लंबित कार्यों की निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।