बलिया, संग्राम सिंह। प्रदेश सरकार बलिया को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का निर्माण करने जा रही है। 4600 करोड़ की कार्ययोजना स्वीकृत हो चुकी है। यह परियोजना इसलिए भी जरूरी है, क्योंकि अभी बलिया पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से सिर्फ गाजीपुर के कासिमाबाद के जरिये जुड़ा है। लखनऊ जाने के लिए लोग गाजीपुर-बलिया-तूर्तीपार मार्ग से कासिमाबाद में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर चढ़ते हैं। 70 किलोमीटर का यह रास्ता बेहद खराब है। टोल टैक्स व्यवस्था लागू होने के बाद यूपिडा ने इस रास्ते को भी बंद कर दिया है। गाजीपुर के भांवरकोल के पास लिंक किया है, लेकिन वह हिस्सा 30 किलोमीटर अधिक लंबा है। अब भरौली के रास्ते लोग जिले में आते हैं।

लोगों की इन परेशानियों के लिए रसड़ा से लगातार तीसरी बार विधायक बने उमाशंकर सिंह और जहूराबाद से लगातार दूसरी बार विधायक ओमप्रकाश राजभर की उपेक्षा जिम्मेदार है। यह बात उनके इलाके की जर्जर सड़कों को देखकर समझी जा सकती है। सिर्फ रसड़ा विधानसभा क्षेत्र में 58 किलोमीटर जिला मार्ग और 48 किलोमीटर ग्रामीण सड़कें पूरी तरह टूटी हुई हैं। कुछ यही बदहाली जहूराबाद में भी है। यह स्थिति तब है, जब दोनों विधायकों पर जनता एक दशक से भरोसा करती आ रही है। इन्होंने लोगों की परेशानियों का जरा भी अहसास होता तो गाजीपुर-बलिया-तूर्तीपार मार्ग का सफर सुकून भरा हो सकता था। इस सड़क का 27.70 किमी हिस्सा जहूराबाद और 42.90 किमी रसड़ा विधानसभा क्षेत्र में है।

लोक निर्माण विभाग ने इसे स्टेट हाईवे (एसएच-108) घोषित कर दिया है, लेकिन निर्माण शुरू करने की बात पर जिम्मेदार खामोश हो जाते हैं। सड़क के नवीनीकरण का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। पिछले दिनों छोटे-मोटे गड्ढे भरे भी गए, जिन पर 30 लाख रुपये से अधिक खर्च कर दिया गया, मगर दो महीने बाद फिर वैसे हालात बन गए हैं।

Edited By: Anurag Singh