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प्रथम दिन मां शैलपुत्री स्वरूप के दर्शन-पूजन का विधान, अभिजित मुहूर्त में घट स्थापना

By Vns Shailesh Asthana Edited By: Abhishek sharma
Published: Sat, 10 Oct 2026 04:00 PM (GMT+05:30)

वाराणसी में शारदीय नवरात्र रविवार से शुरू हो रहा है, जिसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। प्रथम ...और पढ़ें

वाराणसी में शारदीय नवरात्र का आगाज, अभिजित मुहूर्त में घट स्थापना और मां शैलपुत्री पूजन।

वाराणसी में शारदीय नवरात्र का आगाज, अभिजित मुहूर्त में घट स्थापना और मां शैलपुत्री पूजन।

HighLights

  1. शारदीय नवरात्र रविवार से वाराणसी में हो रहा आरंभ।

  2. अभिजित मुहूर्त में होगी घट स्थापना, मां शैलपुत्री का पूजन।

  3. दस दिवसीय अनुष्ठान 20 अक्टूबर महानवमी पर होंगे समाप्त।

जागरण संवाददाता, वाराणसी। मां आदिशक्ति की आराधना-उपासना का पवित्र काल शारदीय नवरात्र रविवार से आरंभ हो रहा है। इसके लिए शनिवार को ही सारी तैयारियां पूरी कर ली गईं। घर-घर में साफ-सफाई कर मां की चौकी स्थापित की गई।

अब प्रतीक्षा है तो मां के आगमन की। रविवार को चित्रा और वैधृति योगों के प्रभाव के कारण दिन में 11:20 बजे से 12:07 बजे तक अभिजित मुहूर्त में घट स्थापना की जाएगी। इसके साथ हर घर और मंदिर में आरंभ हो जाएंगे दस दिवसीय साधना के अनुष्ठान। कहीं सप्तशती के स्वर गूंजेंगे तो साधक अपने इष्ट मंत्रों का जाप कर मां आदिशक्ति को प्रसन्न कर उनका आशीष पाएंगे।

पूरे दस दिनों तक चलने वाले इन अनुष्ठानों की पूर्णाहुति 20 अक्टूबर महानवमी को यज्ञ-हवन व कन्या पूजन के साथ होगा। प्रथम दिन मां दुर्गा के शैलपुत्री स्वरूप के दर्शन-पूजन के विधान को देखते हुए शनिवार को मां शैलपुत्री के धाम में पूरे दिन साफ-सफाई का क्रम चला और रंग-रोगन किया गया।

दुर्गाकुंड स्थित मां कूष्मांडा देवी और अन्य देवी मंदिरों में बांंस-बल्लियां लगाकर मां की आराधना के लिए आने वाले भक्तों की सुविधा सुनिश्चित की गई। श्रीकाशी विश्वनाथ दरबार में भी मां आदिशक्ति के पूजन-अर्चन का विधान आरंभ होगा। नवरात्र के प्रत्येक नौ दिनों में नौ प्रकार के धार्मिक व सांस्कृतिक अनुष्ठान किए जाएंगे। इसके साथ ही सार्वजनिक दुर्गा पूजा पंडालों के निर्माण अंतिम चरण में पहुंच गए हैं। श्रीकाशी विश्वनाथ धाम सहित छह स्थानों पर प्रथम दिवस से ही मां की मूर्तियां प्रतिष्ठित की जाएंगी।