आजमगढ़, जेएनएन। एमएस एग्रो इंडस्ट्रीज जिवली ठेकमा के मालिक के विरुद्ध एफआइआर दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार 10.40 लाख के चावल गबन में पहले ही मामला दर्ज हो चुका है। धान कुटाई का पैसा समायोजित कर शेष धनराशि की अब वसूली की जाएगी।

सरकारी चावल के गबन के आरोप में फंसे मिल संचालक का एक और फर्जीवाड़ा उजागर हुआ है। विपणन विभाग के मार्केंटिंग इंस्पेक्टर सूर्य प्रकाश शर्मा ने मेसर्स एमएस एग्रो इंडस्ट्रीज जिवली ठेकमा के मालिक के विरुद्ध बरदह थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई में पुलिस जुट गई है।

खरीफ वर्ष 2020-21 में मेसर्स एमएस एग्रो इंडस्ट्रीज जिवली को धान की कुटाई कर निर्धारित चावल एफसीआइ गोदाम में जमा करना था लेकिन ऐसा नहीं किया गया। बकाया राजस्व वसूली को लेकर सख्त डीएम राजेश कुमार के निर्देेश पर जब मिल का भौतिक सत्यापन किया गया तो स्टाक मेें चावल कम मिला। अधिकारियों ने स्टाक में मिले चावल और मिल को सीज कर दिया। उसके बाद 10 कराेड, 50 लाख, 38 हजार, 815 रुपये के 3322.418 एमटी चावल के गबन के आरोप में मिल मालिक के खिलाफ पीसीएफ के गणक कृष्णपाल यादव ने एफआइआर दर्ज कराया। इस दौर राजस्व वसूली की प्रक्रिया के दाैरान कुटाई के पैसे का समायोजन किया गया और आठ लाख रुपये बैंक गारंटी को जब्त कर लिया गया। लेकिन संबंधित बैंंक गांरटी का सत्यापन जब बैंक से कराया गया तो वह फर्जी निकला। अब खाद्य विभाग ने मार्केटिंग इंस्पेक्टर के माध्यम से मुकदमा दर्ज कराया है।

बोले अधिकारी : सरकारी चावल के गबन में मेसर्स एमएस एग्रो इंडस्ट्रीज जिवली के मालिक खिलाफ पीसीएफ की तरफ से अभी कुछ दिन पहले मुकदमा दर्ज कराया गया है। जब चावल को बेचकर शेष की वसूली के लिए भूमि व मिल की नीलामी की लिए अभिलेखों का सत्यापन कर कार्रवाई की तैयारी चल रही थी कि पता चला कि बैंक गारंटी भी फर्जी है। इसलिए क्षेत्रीय मार्केटिंग इंस्पेक्टर का मुकदमा दर्ज कराने का निर्देश दिया गया है। -गोविंद उपाध्याय, जिला खाद्य विपणन अधिकारी।

Edited By: Abhishek Sharma