बलिया, जेएनएन। सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी सूर्यप्रताप सिंह मंगलवार को बलिया के थाना दुबहर पहुंचे और पुलिस को लिखित रूप में अपना बयान दर्ज कराया। रिटायर्ड आईएएस अधिकारी के द्वारा गंगा नदी में बहते शवों को लेकर ट्वीट किया गया था। 12 मई को बलिया पुलिस ने कोतवाली में उन पर दर्ज मुकदमा के लिये उन्हें लखनऊ जाकर नोटिस दिया था। वे बलिया शाम पांच बजे पहुंचे और विवेचना अधिकारी दुबहड़ थाना प्रभारी अनिल चंद्र तिवारी को अपना बयान दर्ज कराया।

बोले : अभिव्यक्ति की आजादी का सबको अधिकार

रिटायर्ड आईएएस अधिकारी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि लोकतंत्र में अभिव्यक्ति की आजादी का सबको अधिकार है। ऐसे में मेरे द्वारा जो ट्वीट किया गया है, उसमें कहीं से भी मुकदमा दर्ज करने की स्थिति नहीं बनती है। मेरे ट्वीट में जिन शवों का फोटो लगाया गया है, वह प्रतीकात्मक मात्र है लेकिन एक ही मामले में मेरे ऊपर उत्तर प्रदेश में ही दो जगह मुकदमा किया गया है। जबकि किसी एक अपराध में एक ही व्यक्ति पर एक जगह मुकदमा दाखिल किया जा सकता है। कहा कि मेरे ट्वीट में कहीं से भी जनमानस के प्रति कोई भय का माहौल उत्पन्न नहीं हुआ है।

 

थाने की बदहाली पर भी की टिप्पणी

रिटायर्ड आईएएस अधिकारी ने बयान दर्ज कराने के पूर्व दुबहड़ थाने के जर्जर भवन पर भी टिप्पणी की। कहा कि यह कब गिर जाए, कोई गारंटी नहीं है। उनके साथ दर्जन भर वकीलों के अलावा आम आदमी पार्टी के उत्तर प्रदेश सह प्रभारी अनूप पांडेय व अन्य लोग भी थे।

Edited By: Abhishek Sharma