विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

बीज‍िंंग से रिटायर कर्मी को क‍िया डि‍ज‍िटल अरेस्‍ट, पुलिस ने 25.44 लाख कराए वापस

By Suryakant TripathiEdited By: Abhishek sharma
Published: Wed, 28 Oct 2026 08:45 PM (IST)

गाजीपुर में सेवानिवृत्त कर्मचारी से डिजिटल अरेस्ट का भय दिखाकर साइबर ठगों ने 29.50 लाख रुपये ठगे। पुलिस ने त्वरित ...और पढ़ें

गाजीपुर में डिजिटल अरेस्ट के नाम पर सेवानिवृत्त कर्मचारी से 29.50 लाख की ठगी, पुलिस ने 25.44 लाख वापस कराए।

गाजीपुर में डिजिटल अरेस्ट के नाम पर सेवानिवृत्त कर्मचारी से 29.50 लाख की ठगी, पुलिस ने 25.44 लाख वापस कराए।

HighLights

  1. गाजीपुर में सेवानिवृत्त कर्मचारी से डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगी।

  2. साइबर ठगों ने 29.50 लाख रुपये हड़पे, पुलिस ने 25.44 लाख लौटाए।

  3. चीन के बीजिंग से जुड़े बैंक खाते की जांच, पुलिस विवेचना जारी।

जागरण संवाददाता, गाजीपुर। डिजिटल अरेस्ट का भय दिखाकर साइबर ठगों ने सेवानिवृत्त कर्मचारी से 29.50 लाख रुपये ठग लिए। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 25.44 लाख रुपये पीड़ित को वापस करा दिए। मामले में ठगी की रकम के लेनदेन से जुड़े बैंक खातों और मोबाइल नंबरों की जांच की जा रही है।

गोरा बाजार पीरनगर (बड़ा महादेवा) निवासी 64 वर्षीय दिनेश सिंह के पास बीते 11 जुलाई को अनजान नंबरों से फोन आने शुरू हुए। आरोपितों ने पुलिस की वर्दी पहनकर वाट्सएप वीडियो काल के जरिए उन्हें मनी लान्ड्रिंग के मामले में फंसाने की धमकी दी। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार व्यक्ति के पास से उनके नाम का आधार कार्ड मिला है।

इसके बाद सेवानिवृत्ति पर मिले 25 लाख रुपये के पीएफ फंड की जांच और रकम आरबीआइ से सत्यापन के बाद पांच अगस्त तक वापस मिलने का झांसा दिया। डर के कारण दिनेश सिंह ने 23 जुलाई को 25 लाख रुपये आरटीजीएस के जरिए भेज दिए। इसके बाद 28 जुलाई को सोने पर टैक्स लगने की बात कहकर उनसे 4.50 लाख रुपये और जमा करा लिए। कुल 29.50 लाख रुपये ठगने के बाद आरोपितों ने संपर्क तोड़ दिया।

करीब एक महीने बाद बेटी के घर आने पर घटना का पता चला। पीड़ित की तहरीर पर 13 अगस्त को साइबर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। अपर पुलिस अधीक्षक नगर डा, राकेश मिश्रा और पुलिस उपाधीक्षक साइबर के नेतृत्व में साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक रहमतुल्लाह खान तथा तकनीकी सहायक हेड कांस्टेबल रविकांत जायसवाल की टीम ने लेनदेन की पड़ताल की।

जांच में चीन के वीजिंग निवासी एक व्यक्ति के भारतीय बैंक खाते का पता चला, जिसमें 24,99,800 रुपये फ्रीज कराए गए। बैंक के नोडल अधिकारी और विधिक टीम के समन्वय से अब तक 25,44,800 रुपये पीड़ित को वापस कराए गए हैं। पुलिस मामले की विवेचना कर रही है।