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बनारस के रोपवे स्टेशनों में दिखेगी काशी की धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान

By Ashok Singh Edited By: Abhishek sharma
Published: Mon, 07 Sep 2026 07:18 PM (IST)

काशी में बन रहा नगरीय रोपवे केवल यातायात का साधन नहीं, बल्कि इसके स्टेशन काशी की धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक ...और पढ़ें

कैंट से गोदौलिया तक 16 मिनट में सफर, पांच स्टेशनों से जुड़ेगा काशी का रोपवे परिवहन।

कैंट से गोदौलिया तक 16 मिनट में सफर, पांच स्टेशनों से जुड़ेगा काशी का रोपवे परिवहन।

HighLights

  1. रोपवे स्टेशन काशी की विरासत दर्शाएंगे।

  2. यातायात कम कर पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

  3. कैंट से गोदौलिया 16 मिनट में।

जागरण संवाददाता, वाराणसी। देश के पहला नगरीय परिवहन रोपवे काशी में तेजी से आकार ले रहा है। रोपवे केवल यातायात का नया साधन नहीं होगा, बल्कि इसके स्टेशन काशी की धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत के भी साक्षी बनेंगे। इसके स्टेशनों के फसाड पर गाय, गंगा, त्रिशूल और डमरू जैसे धार्मिक प्रतीकों के साथ सारनाथ की आध्यात्मिक विरासत को दर्शाती भगवान बुद्ध की आकृतियां भी नजर आने लगी हैं।

वास्तुकला में काशी की धार्मिक पहचान की स्पष्ट झलक दिखाई देगी। ऐतिहासिक घाटों की झलक उकेरी जा रही है। सरकार सड़क मार्ग पर यातायात का दबाव कम करने के लिए रोपवे का निर्माण करा रही है। यात्री आकाश से काशी का अवलोकन कर सकेंगे। वीडीए उपाध्यक्ष पुर्ण बोरा ने बताया कि सभी स्टेशनों पर काशी की विशिष्ट परंपरा, हस्तकला, अध्यात्म, संगीत और धार्मिक विरासत की झलक देखने को मिलेगी। रोपवे स्टेशनों पर लगाए जा रहे चुनार के बलुआ पत्थर पर की गई नक्काशी काशी के घाट व मंदिर की स्थापत्य शैली से मेल खाती नजर आ रही है।

रोपवे काशी के यातायात को नया विकल्प देने के साथ पर्यटन को भी नया अनुभव प्रदान करेगा। कैंट से गोदौलिया तक रोपवे के पांच स्टेशन कैंट, विद्यापीठ, रथयात्रा, गोदौलिया गिरजाघर और गोदौलिया स्टेशन होंगे। तीनों स्टेशनों का निर्माण लगभग पूर्ण हो चुका है। दूसरे सेक्शन में गोदौलिया तक निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। रोपवे के संचालन के बाद कैंट से गोदौलिया के बीच यात्रियों को लगभग डेढ़ से दो मिनट के अंतराल पर गोंडोला उपलब्ध कराने की योजना है।

प्रतिघंटे 6000 यात्रियों की क्षमता
एक दिशा में एक घंटे में करीब 3,000 लोग यात्रा कर सकेंगे, जबकि दोनों दिशाओं में यह क्षमता लगभग 6,000 यात्री प्रति घंटे की होगी। गोदौलिया से कैंट रेलवे स्टेशन तक की दूरी 16 मिनट में तय की जा सकेगी। परियोजना में 148 ट्राली कार संचालित होंगी और प्रत्येक ट्राली में 10 यात्री सवार हो सकेंगे। प्रतिदिन करीब 16 घंटे संचालन की योजना है।