दोकटी (बलिया) : जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अवैध लाल बालू के लिए खनन विभाग, तहसीलदार व पुलिस प्रशासन द्वारा क्षेत्र के लगभग आधा दर्जन स्थानों पर छापामारी कर 700 घन मीटर लाल बालू सीज किया। जबकि लाल बालू के अवैध धंधे में लगे दो ट्रकों को भी सीज कर दिया गया। प्रशासन द्वारा की गई इस कार्रवाई से लाल बालू में लगे अवैध कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है।

इसी क्रम में बैरिया के देवराज ब्रह्म मोड़ के समीप से भी भारी मात्रा में लाल बालू सीज किया गया है। वहीं दो लाल बालू लदे दो ट्रक भी सीज किया गया है। जयप्रकाशनगर, पचरुखिया, रामगढ़ में भी लाल बालू भारी मात्रा में डंप पड़ा हुआ है किंतु इस तरफ किसी का ध्यान नहीं पड़ रहा है।

शनिवार की शाम लगभग सात बजे खनन अधिकारी योगेंद्र के अलावा सीओ उमेश कुमार यादव, तहसीलदार बैरिया गुलाब चंद्रा दोकटी, बैरिया, रेवती, हल्दी थानों के थानाध्यक्ष सहित पुलिस प्रशासन के साथ सती घाट बहुआरा पर छापेमारी की गई। जहा पुलिस की गाड़ी को देखते ही ट्रैक्टर चालक भाग खड़े हुए। वहीं लाल बालू आई नाव गंगा के बीच से ही वापस भाग गई। गंगा तट पर पड़े लाल बालू की नापी कर जब्त किया, जहा लगभग 200 घनमीटर, उसके बाद उक्त टीम को शिवपुर गंगा तट पर पहुंचते ही वहा अफरा-तफरी मच गई। जहा भारी मात्रा में लाल बालू नापी करके जब्त किया गया। उसके बाद गछिया बाबा स्थान के पास डंप लाल बालू की नापी कर उसे भी सीज कर दिया गया। इसके अलावा टीम लालगंज बगीचे में आ धमकी और यहा पर भी डंप किए गए लाल बालू को नापी कर सीज कर दिया गया। यह क्रम रात के लगभग 10 बजे तक चलता रहा। जब्त की गई लाल बालू को दोकटी पुलिस को सुपुर्द कर दिया गया है। जब तक पैसा पहुंचता है, तब तक नहीं होती छापामारी

जब तक अधिकारियों के यहा पैसा पहुंचता है, तब तक छापामारी नहीं की जाती है किंतु जब यह प्रक्त्रिया कम हो जाती है तो छापामारी आरंभ हो जाती है। यह व्यवसाय द्वाबा क्षेत्र में तहसील प्रशासन व पुलिस प्रशासन की मिलीभगत से लगभग एक दशक से चलता आ रहा है किंतु एक वर्ष से लाल बालू के अवैध व्यवसाय शासन- प्रशासन की टेड़ी नजर पड़ी हुई है। जिससे बीच-बीच में छापामारी कर लाल बालू, ट्रैक्टर, ट्रक आदि सीज किए जा रहे हैं। लगभग छह माह पूर्व जहा उक्त तटों पर करोड़ों रुपये का लाल बालू सीज किया गया था। वहीं दोकटी पुलिस ने 110 ट्रक व दर्जनों ट्रैक्टरों को भी सीज किया था। बावजूद यह धंधा चोरों पर चल रहा है और यह रुकने का नाम नहीं ले रहा है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि पहले लोगों को घर बनाने के लिए लाल बालू 3500 से चार हजार रुपये प्रति ट्राली उपलब्ध हो जाती थी जो आज दुगने कीमत पर मिल रही है।

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