वाराणसी, जेएनएन। पीएसी के सिपाही भर्ती अभ्यर्थियों के री-मेडिकल टेस्ट में हुई धांधली मामले में कैंट पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने उस एजेंट को गिरफ्तार कर लिया जिसने असफल अभ्यर्थियों को पास कराने के लिए आरोपी सर्जन शिवेश जायसवाल एवं एसके पांडेय के साथ पैसों की लेन-देन की थी।

गौरतलब है कि 28, 29 और 30 अगस्त को पीएसी की सिपाही भर्ती परीक्षा के अभ्यर्थियों का पुन: चिकित्सकीय परीक्षण पुलिस लाइन में होना था। इस मामले में इससे पहले पुलिस ने दीनदयाल राजकीय अस्पताल के सर्जन डॉ. शिवेश जायसवाल और नारायनपुर के आकाश बेनवंशी को गिरफ्तार कर चुकी है। जांच के बाद कैंट पुलिस ने प्रकरण में एजेंट का काम करने वाले हुसनवाज अहमद उर्फ हसी पुत्र अजीमुद्दीन निवासी अस्तबल रामनगर को बुधवार दोपहर पुलिस लाइन चौराहा के पास गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी हुसनवाज अहमद ने बताया कि पीएसी वाहिनियों के मेडिकल में असफल अभ्यर्थियों के री-मेडिकल टेस्ट में असफल अभ्यर्थियों को पास कराने के लिए उसने डा. शिवेश जायसवाल एवं एसके पांडेय से पैसों की लेनदेन की थी। इसके बाद मोटी रकम वसूली गई थी।

फरार आरोपियों की गिरफ्तारी को दबिश जारी

इस मामले में अब तक तीन की गिरफ्तारी हो चुकी है। पीएसी 36वीं बटालियन रामनगर के आरक्षी रमेश सिंह, पुलिस लाइन गाजीपुर के राजेश कुमार सिंह और पवन कुमार जायसवाल अभी भी पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं। पुलिस को उनकी तलाश है। कैंट थाना प्रभारी अश्विनी कुमार चतुर्वेदी का कहना है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस द्वारा लगातार दबिश दी जा रही है।

Posted By: Saurabh Chakravarty

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस