जागरण संवाददाता, वाराणसी : नाथों के नाथ भगवान जगन्नाथ की मनेफर के लिए निकली रथयात्रा के अंतिम दिन रविवार को भगवान जगन्नाथ का रथ खींचने की श्रद्धालुओं में होड़ लगी रही। हर श्रद्धालु प्रभु जगन्नाथ, बलभद्र व सुभद्रा की बेला-गुलाब व चंपा-चमेली से सुसज्जित झांकी की एक झलक लेने को आतुर दिखा। प्रभु के अष्टकोणीय रथ को स्पर्श कर प्रभु के चरण छु लेने का अहसास पाते रहे। किसी ने पहिये पर जोर लगाया तो किसी ने रथ में बंधा रस्सा खींचा। रथ के 14 पहिए का स्पर्श और 18 फीट लंबे, 20 फीट चौड़े और इतने ही ऊंचे नख शिख शृंगारित रथ की छतरी व शिखर को शीश नवाते रहे। प्रभु से प्रेम का अटूट रिश्ता निभा कर भक्त निहाल हो जाते रहे।

पूर्व विधायक अजय राय रविवार को रथयात्रा मेले में पहुंचे और रथ खींच कर परंपरा निभाई। भगवान जगन्नाथ, बलभद्र व सुभद्रा सफेद परिधान में सजे रहे। बेला की लडिय़ों से उनका भव्य शृंगार किया गया था। भोर में मंगला आरती के बाद पट खुला। पुजारी पं. राधेश्याम पांडेय ने आरती की। सुबह छह बजे हरे कृष्ण हरे राम संकीर्तन सोसायटी के भक्तों ने प्रभु के समक्ष नृत्य करते हुए संकीर्तन किया। इसमें महिला अध्यक्ष प्रियंका केशरी, प्रीति, केपी प्रभु, दीनदयाल, संजय प्रभु, गुरु प्रसाद, रामकुमार, अशोक केशरी, किशोरी प्रभु, राहुल प्रभु, लक्ष्मीनारायण आदि थे। दोपहर 12 बजे रथ खींच कर यूनियन बैंक तक लाया गया।

स्वादिष्ट व्यंजनों का लगा भोग

भोर में मंगला आरती के बाद पट खुले तो दर्शन पूजन शुरू हुआ। सुबह नौ बजे नाश्ते में छौंका मूंग-चना, पेड़ा, गुड़, देसी चीनी का शर्बत का नैवेद्य अर्पित किया गया। दोपहर 12 बजे मध्याह्न भोग आरती के साथ प्रभु को मसाला रहित कटहल की सब्जी, पूड़ी, दही, खाड़सारी, सूजी का हलवा, मालपुआ व पंचमेल मिठाई का भोग लगाया गया। इसके बाद प्रभु ने तीन घंटे विश्राम किया। दोपहर तीन बजे शृंगार आरती के साथ पट खुले। रात आठ बजे भोग शृंगार आरती की गई।

मेले में जमकर हुई खरीदारी

पटरी पर सजी दुकानों पर जमकर खरीदारी हुई। चाट पकौड़े व गोलगप्पे की दुकानें सजी थीं। नानखटाई की खूब बिक्री हुई। बच्चों ने झूला व चर्खी का आनंद लिया। युवाओं व बच्चों में सेल्फी लेने की होड़ लगी रही। मेले में प्रमुख ट्रस्टी अध्यक्ष दीपक शापुरी, आलोक शापुरी, संजय शापुरी, भाजपा के सुनील ओझा समेत काफी लोग व्यवस्था की देखरेख में लगे रहे।

प्रहलादघाट पर शृंगार

प्रहलादघाट गंगा तट स्थित मंदिर में भगवान जगन्नाथ, बलभद््र व सुभद्रा का भव्य शृंगार किया गया था। यहां भी तीन दिनों से आयोजन चल रहा था। भगवान की आरती पुजारी पं. विकास पांडेय ने की।

Edited By: Saurabh Chakravarty