वाराणसी, जेएनएन। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव राम माधव ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के बावत कहा कि एक अलोकतांंत्रिक तरीके से लागू किए गए प्रावधान को केंद्र सरकार ने लोकतांत्रिक ढंग से हटा दिया। इससे अब वहां निवेश होगा और विकास की गंगा बहेगी। आज से दस सप्ताह पूर्व जम्मू-कश्मीर में एक ऐतिहासिक भूल को सुधारा गया है। केंद्र सरकार के इस कदम का देश में इसे जानने वाले और नहीं जानने वाले सभी ने स्वागत किया। देशवासियों ने सोचा कि कम से कम देश का प्रधानमंत्री और गृहमंत्री दमदार तो है। यही नहीं जम्मू और लद्दाख में तो जश्न मनाया गया। 

राम माधव सोमवार को काशी हिंदू विश्वविद्यालय स्थित कृषि विज्ञान संस्थान के शताब्दी भवन सभागार में कश्मीर : सामाजिक व आर्थिक स्थिति विषयक संवाद में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। कार्यक्रम का आयोजन बीएचयू आइआइटी के छात्रों की संस्था थिंक इंडिया की ओर से किया गया था। उन्होंने कहा कि 70 साल में जो काम नहीं हुआ वह अब कैसे हो गया। इसे लेकर कुछ लोग शोक मना रहे हैं। संसद में दो दो दिन चर्चा हुई। सभी दलों ने भाग भी लिया। तंज कसते हुए कहा कि संविधान में अनुच्छेद 370 को जब शामिल किया था तो वह भी कानून बनाकर ही किया गया था। क्या उस समय गांव-गांव पत्र लेकर गए थे। लाया तो किससे पूछकर लाया। उन्होंने कहा कि दरअसल उस समय प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने नेशनल कांफ्रेंस के नेता शेख अब्दुला से वादा किया था कि कश्मीर के मुद्दे पर कुछ विशेष प्रावधान देंगे। नेहरू ने शेख से कहा कि संविधान भीमराव आंबेडकर बना रहे हैं उन्हीं के पास जाओ और अपनी बात रखो। आंबेडकर जी ने जब पूरे मामले को समझा तो स्पष्ट कहा कि यह पाप तो मैं नहीं कर सकता। इसके बाद नेहरू ने संविधान के ड्राफ्टिंग कमेटी के सदस्य गोपाला स्वामी अयंगर को तैयार किया। उनके द्वारा तैयार ड्राफ्ट को कांग्रेस की वर्किंग कमेटी ने ही अस्वीकर कर दिया। बाद में नेहरू ने सरदार वल्लभ भाई पटेल को फोन कर वर्किंग कमेटी के सदस्यों को मनाने का जिम्मा सौंपा। वैसे तत्कालीन गृहमंत्री भी इसके लिए तैयार नहीं थे। बावजूद इसके पटेल जी के कहने पर सभी मान गए। इसके बाद समूचा प्रकरण जब संविधान सभा में गया तो वहां भी विरोध होने लगा। भारतीय कम्युनिष्ट पार्टी ने जबर्दस्त विरोध किया। विरोध के बीच कांग्रेस ने अनुच्छेद 370 को लागू करते हुए यह आश्वासन दिया कि कुछ समय के लिए ही है।

एक देश और दो झंडा

उन्होंने कहा कि एक दिक्कत और थी। जब पीडीपी के साथ भाजपा ने गठबंधन की सरकार बनाई तो उपमुख्यमंत्री भाजपा के हुए। कैबिनेट की बैठक में जाने के दौरान प्रोटोकाल के तहत गाड़ी पर दो झंडा देख वह भागकर मेरे पास आए। बोले, दो झंडों के साथ कैसे जा सकता हूं। राम माधव ने कहा कि मैंने उन्हें राय दी वहां के झंडे को प्लास्टिक से ढंक दीजिए। 

कुछ भारतीय नेता पाक के लिए चिंतित

राम माधव ने तंज कसते हुए कहा कि कुछ भारतीय नेता पाकिस्तान की चिंता करते हैं। ऐसे नेता नॉलेज प्रूव हैं। पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मंच पर इन्हीं नेताओं के बयान को आधार बनाकर कहता है कि देखिए इन्हीं के नेता ऐसा बोल रहे हैं। बावजूद इसके पूरी दुनिया ने पाकिस्तान को अलग-थलग कर दिया। समूचा विश्व भारत के पक्ष को अच्छी तरह से समझता है।

महिला विरोधी था अनुच्छेद 370

राम माधव ने कहा कि यह अनुच्छेद पूरी तरह से महिला विरोधी था। वहां की महिला किसी दूसरे प्रांत के पुरुष व विदेशी से शादी नहीं कर सकती थी। यदि करती थीं तो उन्हें सभी अधिकारों से वंचित कर दिया जाता था।

एससी-एसटी का भी विरोधी

राम माधव ने कहा कि अनुच्छेद 370 एससी-एसटी का विरोधी भी था। एक अधिकार बना दिया कि जो जम्मू-कश्मीर का नहीं है उसे कोई अधिकार नहीं मिलेगा। वहां 17 फीसद एससी-एसटी हैं।

विकास का भी द्रोही था अनुच्छेद 370

राम माधव ने कहा कि अनुच्छेद 370 विकास का भी द्रोही था। 50 व 60 के दशक में महज एक फैक्ट्री ही वहां लगी। इसके बाद वहां कोई निवेश करने गया ही नहीं। इसी 370 के कारण वहां कल-कारखाना, कॉलेज, विश्वविद्यालय कुछ नहीं है। मुंबई स्टाक एक्सचेंज में कश्मीर का केवल जम्मू-कश्मीर बैंक ही है। 

केवल दो-तीन सौ लोग पाते थे लाभ

राम माधव ने कहा कि अनुच्छेद 370 के कारण जमीनी राजनीति करने वाले उभर ही नहीं पाते थे। केवल दो-तीन सौ राजनीतिज्ञ ऐसे थे जो इस अनुच्छेद का भरपूर लाभ पाते थे। सभी को नजरबंद कर दिया गया है। अब वहां शांति हैं। दस सप्ताह हो गए कोई घटना नहीं हुई। जनता भी अब समझ गई है।

कश्मीरियों को देशवासी लगाएं गले

राम माधव ने एक प्रश्न के जवाब में कहा कि अभी वहां आप जमीन खरीदने के बारे में मत सोचिए। अभी उन पर भरोसा जताएं। हम जमीन भी खरीदें तो अहंकार पूर्वक नहीं। उन्होंने अपील की कि आप सभी लोग एकबार कश्मीर का टूर जरूर करें। उन्होंने कश्मीरी ब्राह्म्णों के पुनर्वास के प्रश्न के जवाब में कहा कि पहले तो आप उन्हें कश्मीरी हिंदू बोलें। सात लोकेशन चिह्नित किए गए हैं। शीघ्र ही यह योजना मूर्तरूप लेगी। संघ में दो ध्वज फहराने संबंधी प्रश्न को खारिज कर दिया। कहा कि तिरंगा हर मौके पर फहरता है। लद्दाख के भविष्य के बारे में पूछने पर कहा कि लद्दाख ही नहीं बल्कि जम्मू-कश्मीर की संस्कृति की पूरी रक्षा की जाएगी।

आर्थिक मंदी के भरपूर उपाय

जाते-जाते पोर्टिको में पत्रकारों के सवाल पर कहा कि आर्थिक मंदी का असर भारत पर नहीं पडऩे वाला है। वैसे भी शुरुआती दौर में ही केंद्र सरकार ने इससे निपटने के भरपूर उपाय कर लिया है।

बीएचयू सुरक्षा कर्मियों ने रोका

भाजपा नेता राम माधव सोमवार को बीएचयू स्थित एलडी गेस्ट हाउस जा रहे थे। धरना प्रदर्शन के कारण एलडी गेस्ट हाउस और कुलपति आवास पर दोनों तरफ से बैरिकेडिंग की गई थी। भाजपा नेता की कार के आगे स्कॉर्ट और पुलिस की दो गाडिय़ां चल रही थीं जिन्हें बैरियर हटाकर सुरक्षा कर्मियों ने जाने दिया लेकिन राम माधव की इनोवा कार को रोक दिया। लोगों ने बताया फिर भी हमेशा की तरह अडिय़ल रवैए पर सुरक्षाकर्मी बहस करने लगे। बाद में ड्राइवर गाड़ी घुमाकर पेट्रोल पंप की तरफ से एलडी गेस्ट हाउस के पीछे रास्ते ले गया। ऐसी स्थिति में जेड श्रेणी सुरक्षा साथ नहीं रही व बिना सुरक्षा भाजपा नेता को निजी कार से गेस्ट हाउस तक जाना पड़ा। इसे लेकर खुफिया विभाग ने उच्चाधिकारियों को गोपनीय रिपोर्ट भेजी है।

Posted By: Saurabh Chakravarty

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