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काशी में गूंजता रहा पीएम के विजन 'वी विल डू इट..' का उद्घोष, 25 साल की सेवा यात्रा और गुजरात माडल की चर्चा

By pramod kumar Edited By: Abhishek sharma
Published: Wed, 07 Oct 2026 04:57 PM (IST)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी में 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत 'विकसित भारत 2047' के लिए अपना विजन प्रस्तुत किया। ...और पढ़ें

HighLights

  1. पीएम मोदी ने 'विकसित भारत 2047' के लिए अपना विजन दोहराया।

  2. युवाओं को 'वी विल डू इट' का मंत्र देकर जोश भरा।

  3. अपनी 25 साल की सेवा यात्रा और गुजरात मॉडल पर चर्चा की।

जागरण संवाददाता, वाराणसी। अपने जन्म दिन 17 सितंबर से शुरू हुए सेवा संकल्प अभियान को श्री विनायक मंदिर में आराधना के बाद नई दिल्ली से वर्चुअली संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विकसित भारत 2047 के लिए अपने विजन को दोहराया। अंतर इतना था कि इस बार इसे पूरा करने के तरीके बताए।

काशी के संपूर्णानंद संस्कृत विवि के सभागार में गुजरात के वडनगर से आए 500 सेवा यात्रियों व भाजपाइयों ने पीएम को सुना, समझा और उनके शब्दों को आत्मसात किया। जेन जी व यूथ को रेखांकित करते हुए पीएम ने वी विल डू इट..का मंत्र दिया। वर्चुअली यह मंत्र मिला लेकिन विवि के सभागार के युवाओं ने मोदी...मोदी...मोदी... के नारे के साथ नए जोश से मंत्र अपनाते हुए उसे दोहराते हुए विकसित भारत 2047 का संकल्प लिया।

अपने एक घंटे तीन मिनट के संबोधन की शुरुआत पीएम ने 10.27 बजे की। जैसे ही वह मंच पर आए काशी के सभागार में मोदी को जय श्रीराम...कहते हुए अभिवादन हुआ। पीएम ने अपने 25 साल के सेवा काल, गुजरात माडल, वैभवशाली भारत तथा खंडखंड में बाटकर राज करने वालों की नीति को सामने रखते हुए विकसित भारत 2047 के संकल्प और इसे पूरा करने के लिए देश के 140 करोड़ लोगों का साथ मांगा।

पीएम के हर एक शब्द के निहितार्थ विवि सभागार में मौजूद युवा, महिलाएं, कार्यकर्ता, सेवा यात्री और भाजपा के दिग्गज समझते रहे।पीएम ने भी खुलकर अपने मन की बात मंच से की। राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के स्वागत के साथ ही सेवा ज्योति यात्रा में शामिल युवाओं का अभिवादन किया। इसके पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने वर्चुअली संबोधित करते हुए पीएम का अभिवादन किया।

कोरोना काल में देश को मजबूती देकर 80 करोड़ लोगों को राशन, 11 करोड़ को किसान सम्मान निधि, 4 करोड़ को आवास, 2.5 करोड़ को स्टार्टअप का उल्लेख किया। यहां क्षेत्रीय अध्यक्ष अशोक चौरसिया, राज्यमंत्री दयाशंकर मिश्र दयालु, रविंद्र जायसवाल, रमेश सिंह, विधायक नीलकंठ तिवारी, एमएलसी धर्मेंद्र सिंह, विधायक सौरभ श्रीवास्तव, अश्वनी त्यागी
महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि मौजूद रहे।

इन सेवा यात्रियों का हुआ सम्मान

इसके पहले विवि सभागार में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, प्रदेश सह प्रभारी जगदीश पटेल वडनगर से आए दल के प्रभारी सूरत के ध्रुविन पटेल, आकाश तदवी, विपिन तलाविया, बडोदरा के नितिन सिंह बरड, मौलिक देसाई, हर्ष पंड्या, राजेश कुमार चौधरी, डा. चिंतन चौधरी, महिसाणा के श्रेयष पटेल, सनी शाह, डा. यश पटेल, दीक्षित चौधरी, अजय राज सिंह जडेजा, निकुंजभाई ठाकोर, कुलदीप बारोट सहित 25 लोगों का सम्मान किया गया।

हम...हम...हम.... पर दिखता चला गया जोश

विवि के सभागार में जब मोदी ने वी विल डू इट...का मंत्र देते हुए हम...हम...हम...शबदों को बोला तो साथ में करोड़ों शब्द गूंज उठे। मोदी ने कहा हम...आवाज आने लगी करके रहेंगे...। युवाओं का जोश देखते ही बन रहा था।

मोदी ने कहा - युवा बोले करके रहेंगे

विकसित भारत 2027 - करके रहेंगे
टाप इकोनामी - बनके रहेंगे

आत्मनिर्भर भारत - बनके रहेंगे
ग्लोबल मैनुफैक्चरिंग हब - बनके रहेंगे

अंतरिक्ष में कदम..- रखकर रहेंगे।

सोचा भी नहीं था कि हेड आफ गर्वनमेंट बनूंगा

पीएम ने कहा जब वह सात अक्टूबर 2001 को गुजरात के सीएम बने तो सोचा भी नहीं था कि आज हेड आफ गवर्नमेंट बनूंगा लेकिन एनडीए के सहयोगी दल, भाजपा और जनता के प्यार ने मुझे यह मुकाम दिया।

विनायक मंदिर में आपके लिए भी मांगा और अपने लिए भी

पीएम ने कहा कि विनायक मंदिर में देश के लिए प्रार्थना किया और अपने लिए भी कुछ मांगा। इधर सभागार में आवाज गूंजने लगी और उधर वर्चुअली पीएम बोले परमात्मा से इतनी शक्ति मागा कि आपकी सेवा कर सकूं।जनता को ईश्वर का रूप बताया तो मोदी मोदी मोदी की गूंज उठी।

वडनगर के स्कूल अनुशासन का सबक
वडनगर के पाठशाला में अपने पढाई का अनुभव सांझा किया। बोले कभी भी स्कूल में मैं देरी से नही गया। उस समय का अनुशासन और नियमितता आज भी जारी है।

आलोचकों को भी सराहा

पीएम ने कहा जिसने जिताया उसी ने विनम्र बनना भी सिखाया। जिसने गिराया उसी ने मुझे खड़ा होना बताया।जिन शुभचिंतकों ने प्रोत्साहित किया उसी आलोचकों ने अपने भीतर झांकना भी सिखाया। जिसने साथ उसी ने विश्वास की शक्ति भी दी। जिसने विरोध किया उसी ने लोकतंत्रत की ताकत भी दे दी। 25 साल का सफर मेरे धैर्य की परीक्षा रही। इसी सफलता ने दायित्व बोध को विस्तार दिया और सिदि्ध ने बड़े संकल्प की ओर बढ़ने का साहस प्रदान किया। पीएम के इन शब्दों को विवि सभागार में कई युवा नोट भी करते रहे।

वेद से विवेकानंद की भी चर्चा
पीएम ने वेद से लेकर विवेकानंद के विचारों की भी चर्चा की। सनातन भारत ने मनुष्य को मानवता का भरोसा दिया।उस राष्ट्र की सेवा करते हुए कभी भी एकाकी महसूस नहीं हुआ।