वाराणसी, सौरभ चंद्र पांडेय। भाई-बहन के अटूट प्रेम के पर्व रक्षाबंधन पर हर भाई अपनी क्षमतानुसार बहन को उपहार भेंट करता है। कोरोना महामारी का संक्रमण भले ही कम हो गया है लेकिन खतरा टला नहीं है। बहन मुंबई में एक निजी कंपनी में कार्यरत है। जहां सबसे ज्यादा कोरोना संक्रमण था। यही सोचकर सोनारपुरा के देवनाथपुरा निवासी श्रेयश जायसवाल ने इस रक्षाबंधन जरा कुछ हट के उपहार देने के विषय में सोचा। उपहार भी ऐसा हो जो बहन को वर्ष पर्यंत काम आए। अचानक दिमाग में एक विचार आया कि बहन को वर्ष भर सुरक्षा का भरोसा दिलाना है तो क्यों न उसके नाम से एक स्वास्थ्य बीमा खरीदकर उसे रक्षाबंधन पर भेंट कर दें। इसी विचार के साथ विभिन्न कंपनियों के स्वास्थ्य बीमा के प्लान को देखना शुरू किया।

जब बहन नैंसी से मांगा आधार-पैन कार्ड और फोटो

प्लान चुनने के बाद जब श्रेयश ने बहन नैंसी से फोन करके उसका आधार और पैन कार्ड मांगा तो पहले उसने बहुत सवाल जवाब किया। लेकिन श्रेयश ने उसे कुछ नहीं बताया। खैर काफी प्रयास के बाद नैंसी ने अपना दस्तावेज उपलब्ध कराया। उसके भइया ने उसके नाम से एक निजी कंपनी का स्वास्थ्य बीमा खरीदा। जब नैंसी के मोबाइल पर इस आशय का संदेश आया तो उसने भाई से पूछा कि यह क्या है, तब भाई ने बताया कि यह तुम्हारा रक्षाबंधन का उपहार है। इससे मेरी बहना वर्ष भर सुरक्षित रह सकती है।

दस लाख का रुपये का है सम-इंश्योर्ड

नैंसी ने बताया कि मेरे भाई एक फार्मा कंपनी में काम करते हैं। उन्हें पता था कि स्वास्थ्य जीवन बीमा जीवन का एक अभिन्न अंग बन चुका है। उन्होंने महाराष्ट्र की भयावह स्थिति को भांफते हुए रक्षाबंधन के उपहार में मेरे लिए ग्यारह हजार रुपये प्रीमियम का दस लाख रुपये का सम-इंश्योर्ड वाला प्लान खरीदकर मुझे आज भेंट करेंगे।

 

Edited By: Saurabh Chakravarty