वाराणसी, जागरण संवाददाता। मानसून 28 जून को आने के बाद से ही पूर्वांचल में सक्रियता के साथ अपनी मौजूदगी दर्ज करा रहा है। वाराणसी सहित पड़ोसी जिलों में झमाझम बरसात का दौर जारी है। बादलों की आवाजाही शुरू होने के बाद वातावरण में नमी का स्‍तर बढ़ते ही लोकल हीटिंग के बाद बूंदाबांदी का दौर शुरू हो जा रहा है। इस लिहाज से मौसम विज्ञानी मान रहे हैं कि मानसून भले ही सप्‍ताह भर की देरी से आया है लेकिन पर्याप्‍त सक्रियता मानसून की नजर आ रही है। बारिश के बाद तापमान में भी कमी का दौर शुरू हो रहा है और लोगों को गर्मी से राहत भी मिल रही है। शनिवार की सुबह से ही रिमझिम बरसात की शुरुआत हुई तो दिन चढ़ने तक यही क्रम बरकरार रहा। 

बीते चौबीस घंटों में अधिकतम तापमान 36.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्‍य से एक डिग्री अधिक रहा। न्‍यूनतम तापमान 26.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्‍य से एक डिग्री कम रहा। आर्द्रता अधिकतम 78 फीसद और न्‍यूनतम 66 फीसद दर्ज की गई। जबकि मौसम विभाग की ओर से जारी सैटेलाइट तस्‍वीरों के अनुसार पूर्वांचल में बादलों की आवाजाही का रुख बना हुआ है। वहीं मौसम विभाग की ओर से इस पूरे सप्‍ताह बादलों की आवाजाही का संकेत है। जबकि दो दिनों के बाद बादलों की सक्रियता बूंदाबांदी और बारिश कराने का अंदेशा मौसम विभाग ने जताया है।

मौसम विभाग ने 48 घंटे के बाद वाराणसी सहित समूचे पूर्वांचल में झमाझम बरसात की उम्‍मीद जताई है। माना जा रहा है कि आने वाले कुछ दिनों में उमस का राज कायम रहा तो नमी का असर होते ही बादल बूंदाबांदी करा सकते हैं। इस लिहाज से आने वाले दिनों में मौसमी बदलाव का क्रम जारी रहना तय है। जबकि पखवारे भर बाद उमस के बीच सावन माह का दौर भी शुरू हो जाएगा। इस दौरान उमस का दौर जारी रहने के बीच बादलों की आवाजाही रही तो झमाझम बरसात बंगाल की खाड़ी से पहुंची नमी कराएगी। 

आकाशीय बिजली गिरी, 12 मजदूर झुलसे : आजमगढ़ के मार्टीनगंज के आमगांव गांव में शनिवार को वर्षा के बीच शनिवार को आकाशीय बिजली गिरने से धान की रोपाई कर रहे 12 मजदूर झुलस गए। इनमें अधिकांश महिला मजदूर शामिल हैं, जिन्हें निकट के स्वास्थ्य केंद्र पर भर्ती कराया गया है। इमादपुर गांव के 12 मजदूर आमगांव गांव में जितेंद्र कश्यप के खेत में धान की रोपाई कर रहे थे। उसी दौरान अचानक तेज वर्षा शुरू हो गई। इससे बचने को सभी मजदूर खेत के निकट स्थित एक बरगद के पेड़ के नीचे चले गए। इसी बीच चमक व तेज आवाज के साथ आकाशीय बिजली गिरी तो उसकी चपेट में आ गए। झुलसे मजदूरों में रेशमा, करिश्मा, कलावती, प्यारी, सरिता, चंदा, शर्मिला, शारदा, सुशील, इंद्रजीत, सुशीला, भोला, चंद्रकला झुलस गईं। डाक्टरों ने अधिकांश की हालत फिलहाल खतरे से बाहर बताई है।

Edited By: Abhishek Sharma