चंदौली [राकेश श्रीवास्तव]। पूर्व मध्य रेल में विकास का पहिया रफ्तार से घूम सकेगा। ईसीआर प्रशासन ने राजपत्रित स्तर के सेवानिवृत्त एक-दो नहीं पूरे 50 लोगों के पुर्नसहभागिता की सहमति बनाई है। गजेटेड अधिकारियों की नियुक्ति की भनक लगते ही इंजीनियरिंग समेत दस विभागों ने जरूरतें दर्शाते हुए डिमांड भी लगा दी है। अफसरों की कमी से जूझ रहे जोन में एक साथ अनुभवी 50 लोग बढ़े तो रेलवे की तरक्की जमीन पर नजर आएगी।

इन विभागों को चाहिए इतने अधिकारी : रेलवे बोर्ड का निर्णय आते ही पूर्व मध्य रेल के विभिन्न विभागों ने अफसरों की वैकेंसी दर्शाते जरूरतों को सार्वजनिक कर दिया। सूत्रों के मुताबिक इंजीनिय¨रग विभाग को सबसे ज्यादा 10, सिग्नल एवं टेलीकॉम, इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल, स्टोर्स, कामर्शियल, ट्रैफिक, पर्सनल एवं एकांउट विभाग को पांच-पांच अधिकारियों की दरकार है। पूर्व मध्य रेल प्रशासन ने इन्हीं पदों पर सहमति भी जताई है।

बनेंगे सफलता की सीढ़ी : सेवानिवृत्त राजपत्रित अधिकारी अनुभवों के जरिए रेलवे के लिए सिर्फ सफलता की सीढ़ी तैयार करेंगे। उनके हिस्से सिर्फ आएगी एक माह की जूनियर स्केल पगार। यही वजह है कि रेल प्रशासन ने नई नियुक्तियों को पुर्नसहभागिता का नाम दिया है न कि पुन: रोजगार। एचआरए, ट्रांसपोर्ट अलाउंस, रहने को आवास नहीं मिलेगा। विभागीय कार्य से कहीं जाना हुआ तो टीए-डीए जरूर देय होगा। वित्तीय अधिकार नहीं नहीं होगा, हां, जरूरत पड़ने पर जोन में तबादला किए जा सकेंगे।

पांच मंडलों में की जाएगी तैनाती : रेलवे बोर्ड ने 25 नवंबर को राजपत्रित अधिकारियों की नियुक्ति के लिए एक आदेश जारी किया है। उस आदेश के क्रम में पूर्व मध्य रेल प्रशासन ने सबसे तेज कदम बढ़ाया है। इसका लाभ मुगलसराय, धनबाद, समस्तीपुर, दानापुर, सोनपुर मंडल को मिलेगा। एक वर्ष के लिए की जा रही पुर्नसहभागिता रेलवे की विभागीय एवं यूपीएससी की नियुक्ति के बाद समाप्त हो जाएगी।