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जौनपुर, जेएनएन। सोनभद्र में हुए नरसंहार के पीडि़त परिवारों की लड़ाई कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव पूर्वी यूपी प्रभारी प्रियंका वाड्रा गांधी खुद लड़ेंगी। भाजपा व आरएसएस के विभिन्न संगठनों में अपराधी प्रवृत्ति के लोग तेज गति से जुड़ते जा रहे हैं। इसी के परिणाम स्वरूप उत्तर प्रदेश अपराधियों की शरण स्थली बन चुका है। संभल व बुलंदशहर में दो सिपाही व एक इंन्सपेक्टर की गोली मारकर हत्या कर दी गई। यहां कानून के रखवाले भी असुरक्षित हैं। उक्त बातें कांग्रेस नेता राज्यसभा सांसद छत्तीसगढ़ प्रभारी पीएल पुनिया ने जमालापुर में शनिवार की देर रात प्रेस वार्ता के दौरान कहीं।

उन्होंने कहा कि यही कारण है कि समूचे प्रदेश में कानून व्यवस्था पूर्ण रूप से ध्वस्त हो चुकी है चारों तरफ अराजकता का माहौल है अपराधियों का बोलबाला है। सोनभद्र की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि वहां सरेआम नरसंहार हुआ और प्रशासन मूकदर्शक बनकर देखता रह गया। प्रदेश सरकार द्वारा सोनभद्र की घटना में अपनी खामी को छिपाने के उद्देश्य से कांग्रेस नेता प्रियंका वाड्रा को पीडि़तों से मिलने के लिए रोका गया। जबकि वह पीडित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करने व उनके दुख मे शामिल होने जा रही थीं। उन्हें चुनार लाया गया। प्रियंका से मिलने पीडि़त परिवार के लोग लगभग 25 की संख्या मे 70 किमी का सफर तय कर चुनार पहुंचे तो उन्हें भी रोका गया। जब वह घरने पर बैठ गईं तब मजबूर होकर प्रशासन ने पीडि़त परिवार से मिलवाया। श्री पुनिया ने कहा कि प्रियंका गांधी वाड्रा के नेतृत्व में कांग्रेस आदिवासियों की आवाज बनकर अन्याय के खिलाफ खुद लड़ाई लड़ेगी। प्रियंका वाड्रा ने पीडि़त परिवारों को दस लाख की आर्थिक सहायता व शीघ्र उनके घर आकर मिलने की बात कही। श्री पुनिया ने आरोप लगाया कि इस घटना के पीछे जिला प्रशासन की संवेदनहीनता व भूमाफियाओं का हाथ है। आदिवासियों की जमीन को आखिर किस आधार पर बेचा गया। वार्ता के दौरान पार्टी नेता डा.परमेंद्र ङ्क्षसह भी मौजूद रहे।

 

Posted By: Saurabh Chakravarty

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