वाराणसी के सीर गोवर्धनपुर में गड्ढे में उतरकर किया प्रदर्शन, कहा - 'स्मार्ट सिटी वाराणसी या मौत का गड्ढा'
वाराणसी के सीर गोवर्धनपुर में संत रविदास जन्मस्थान के पास मुख्य मार्ग पर खुले गड्ढों और जलभराव के खिलाफ स्थानीय ...और पढ़ें
HighLights
सीर गोवर्धनपुर में खुले गड्ढों के खिलाफ प्रदर्शन।
मुख्यमंत्री के दौरे के बाद सुरक्षा घेरा हटा।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से स्थायी समाधान मांगा।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। संत रविदास जन्मस्थान सीर गोवर्धनपुर वार्ड 23 में मंदिर के मुख्य मार्ग पर जलनिकासी के लिए बना नाला कई जगह गड्ढे में तब्दील हो चुका है। सड़क किनारे करीब आधा दर्जन स्थानों पर लंबे समय से गड्ढे खुले पड़े हैं। जिसमें मवेशी अक्सर गिरकर फंस जाते हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि इन गड्ढों में हमेशा जलभराव के कारण उसकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता और राहगीर दुर्घटना का शिकार होकर गड्ढे में गिर जाता है। स्थानीय सपा कार्यकर्ता अमन यादव का आरोप है कि 29 जुलाई को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगमन के दौरान इन गड्ढों को नगर निगम द्वारा बांस-बल्ली एवं हरे पर्दों से घेरकर ढक दिया गया था।
जिसके बाद स्थानीय लोगों ने अधिकारियों से अनुरोध किया था कि यदि तत्काल मरम्मत संभव नहीं है तो कम से कम सुरक्षा के लिए लगाए गए बांस-बल्ली को न हटाया जाय। लेकिन मुख्यमंत्री के लौटते ही 30 जुलाई को नगर निगम द्वारा सुरक्षा घेरा हटा लिया गया, जिससे यह स्थान फिर से आम जनता के लिए जानलेवा बन गया।
नगर निगम की लापरवाही के विरोध में मंगलवार के अमन यादव, महानगर अध्यक्ष, बाबा साहब अंबेडकर वाहिनी के नेतृत्व में जलभराव वाले गड्ढे में उतरकर विरोध प्रदर्शन करते हुए प्रशासन का ध्यान समस्या की ओर आकर्षित कराते हुए चेतावनी दिया कि गड्ढों की सुरक्षा व्यवस्था एवं स्थायी समाधान नहीं किया गया, तो क्षेत्रीय जनता व्यापक जनआंदोलन करने के लिए बाध्य होगी। जिसकी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों एवं नगर निगम प्रशासन की होगी। प्रमुख रूप से लाल बहादुर यादव, बाबूलाल, चंदन सोनकर, गोलू यादव, चंचल रहें
