आईआईटी बीएचयू के प्रो. ब्रह्मेश्वर मिश्रा को मिला प्रतिष्ठित ‘भैषजी शिक्षा रत्न’ सम्मान
आईआईटी (बीएचयू) के प्रो. ब्रह्मेश्वर मिश्रा को फार्मेसी शिक्षा में उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रतिष्ठित 'भैषजी शिक्षा रत्न' सम्मान से ...और पढ़ें

फार्मेसी शिक्षा में उत्कृष्ट योगदान: प्रो. ब्रह्मेश्वर मिश्रा को 'भैषजी शिक्षा रत्न' सम्मान।
HighLights
प्रो. ब्रह्मेश्वर मिश्रा को 'भैषजी शिक्षा रत्न' से सम्मानित किया गया।
फार्मेसी शिक्षा में 42 वर्षों से अधिक का उत्कृष्ट योगदान।
विश्व के शीर्ष 0.1% औषधि वितरण शोधकर्ताओं में शामिल।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (काशी हिंदू विश्वविद्यालय), आईआईटी (बीएचयू), वाराणसी के भैषजकीय अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी विभाग के वरिष्ठ प्राध्यापक प्रो. ब्रह्मेश्वर मिश्रा को फार्मेसी शिक्षा के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान, समर्पण और विशिष्ट सेवाओं के लिए प्रतिष्ठित ‘भैषजी शिक्षा रत्न’ सम्मान से सम्मानित किया गया है।
फार्मेसी शिक्षा के नियामक निकाय फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया (पीसीआई) की ओर से 27 अक्टूबर को नई दिल्ली के द्वारका स्थित आईटीसी होटल में आयोजित समारोह में उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया।
प्रो. मिश्रा आईआईटी (बीएचयू) के वरिष्ठतम शिक्षकों में शामिल हैं। उन्होंने संस्थान में 42 वर्षों से अधिक समय तक अपनी सेवाएं दी हैं। शिक्षण, शोध और विद्यार्थियों के मार्गदर्शन के क्षेत्र में उनके निरंतर योगदान से फार्मेसी शिक्षा एवं शोध को नई दिशा मिली है।
प्रो. मिश्रा की अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक एवं शोध प्रतिष्ठा का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उन्हें वर्ष 2020 से 2026 के दौरान लगातार छह वर्षों तक फार्मेसी एवं फार्माकोलॉजी श्रेणी में विश्व के शीर्ष दो प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची में स्थान मिला। वहीं, वर्ष 2024 की ScholarGPS रैंकिंग के अनुसार, औषधि वितरण (ड्रग डिलीवरी) के क्षेत्र में वे विश्व के शीर्ष 0.1 प्रतिशत शोधकर्ताओं तथा फार्मेसी के व्यापक क्षेत्र में शीर्ष 0.34 प्रतिशत शोधकर्ताओं में शामिल रहे।
प्रो. मिश्रा ने अब तक 32 शोधार्थियों को पीएचडी तथा 90 से अधिक विद्यार्थियों को एम.फार्म./एम.टेक. स्तर पर शोध कार्य के लिए मार्गदर्शन प्रदान किया है। उनके नाम 250 से अधिक शोध प्रकाशन, 13,288 उद्धरण (साइटेशन), 60 का एच-इंडेक्स और 200 का आई-10 इंडेक्स दर्ज है।
उन्हें अब तक लगभग 30 पुरस्कारों एवं सम्मानों से नवाजा जा चुका है। वे अमेरिका और ब्रिटेन सहित कई देशों में शैक्षणिक एवं व्यावसायिक मंचों पर व्याख्यान देकर अपने शोध अनुभव और विशेषज्ञता साझा कर चुके हैं।
‘भैषजी शिक्षा रत्न’ सम्मान प्रो. मिश्रा की चार दशकों से अधिक की शैक्षणिक सेवा, उत्कृष्ट शोध कार्यों और फार्मेसी शिक्षा के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान का महत्वपूर्ण सम्मान है। उनकी इस उपलब्धि से आईआईटी (बीएचयू) सहित काशी के शैक्षणिक एवं शोध जगत में हर्ष और गौरव का माहौल है।
