वाराणसी, जागरण संवाददाता। केदारनाथ मंदिर से गृहकर वसूली का मामला अब तूल पकडऩे लगा है। इसे देखते हुए नगर निगम प्रशासन ने जांच कराने का निर्णय लिया है। अपर नगर आयुक्त देवीदयाल वर्मा ने मुख्य कर निर्धारण अधिकारी को जांच कराकर स्पष्ट जानकारी देने का आदेश दिया है। हालांकि, प्रारंभिक तौर स्पष्ट किया कि केदारनाथ मंदिर से कोई भी गृहकर नहीं लिया जा रहा है।

केदारनाथ मंदिर से गृहकर वसूली के मसले पर सबसे पहले एमएलसी शतरुद्र प्रकाश ने मामला उठाया है। इस मसले पर नवागत नगर आयुक्त प्रणय सिंह को ई-मेल भी किया है। नगर निगम अधिनियम की जानकारी देते हुए किसी भी मंदिर से गृहकर व जलकर वसूली को दुर्भाग्यपूर्ण कहा है। बाद में इसी मसले पर सपा नेताओं व पार्षदों के एक प्रतिनिधिमंडल नगर आयुक्त प्रणय सिंह से मुलाकात भी की। मांग रखी कि काशी के सोनारपुरा में पौराणिक काल से अवस्थित व देश के द्वादश ज्योतिॄलग केदारनाथ के प्रतीक स्वरूप मंदिर को हाउस टैक्स व जलकर से मुक्त करने की मांग की। इस बाबत नगर आयुक्त प्रणय सिंह को ज्ञापन भी सौंपा। नगर निगम के इस अनुचित मांग का प्रतिरोध करते हुए सपा नेत्री शालिनी यादव ने नगर निगम के इस कदम धाॢमक आस्था पर कुठाराघात बताया। बता दें कि भगवान का मंदिर होने के बावजूद 2020-2021 के लिए वर्ष 2014-15 को आधार वर्ष मानते हुए इस अनमोल मंदिर का वार्षिक मूल्य 43,092 रुपये निर्धारित करते हुए मार्च 2021 तक 40,786 रुपये की मांग की गई है।

आज खुलेगा जन्म-मृत्यु पंजीयन पोर्टल : जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए भागदौड़ करने वालों के लिए अच्छी खबर है। कई दिनों से बंद चल रहे जन्म-मृत्यु पंजीयन पोर्टल शुक्रवार से खुलने जा रहा है। नगर निगम के प्रयास से दिल्ली के अफसरों ने उप रजिस्ट्रार की बंद लागिंग को खोलने का भरोसा दिया है। इससे कतार में खड़े प्रमाण पत्र निर्गत हो सकेंगे।

Edited By: Abhishek Sharma