मीरजापुर, जेएनएन। सोनभद्र नरसंहार के पीडि़त परिवार की 15 महिलाओं व पुरुष सदस्‍यों से चुनार गेस्‍ट हाउस में मिलने के बाद प्रियंका वाड्रा ने उन्‍हें लेकर प्रेस कांफ्रेंस की। बोलीं, यूपी में कानून व्‍यवस्‍था ध्‍वस्‍त है, योगी सरकार को इसकी जिम्‍मेदारी लेनी चाहिए। अधिकारियों को सोनभद्र का प्रकरण पहले से पता था, ऐसी घटना वहां नहीं घटनी चाहिए थी। प्रियंका ने कहा कि सोनभद्र के वनवासियों की लड़ाई कांग्रेस लड़ेगी। भविष्‍य में वे नरसंहार के गांव उभ्‍भा भी जरूर जाएंगी। प्रियंका ने मांग की कि मृतकों के परिवार को कम से कम सरकार की तरफ 25-25 लाख रुपये सहायता राशि दी जाए।

जिन जमीन पर वनवासी पीढि़यों से काबिज हैं उन्‍हें तत्‍काल कानूनी अड़चने दूर कर उनके नाम किया जाए। निर्दोषों पर लगाए मुकदमे भी वापस  लिए जाएं। प्रियंका की प्रेस कांफ्रेंस के दौरान उभ्‍भा गांव से आए पीडि़त रामराज, सुखवंती और रामधनी ने मीडिया से बताया कि उन्‍हें कई वर्षों से प्रताडि़त किया जा रहा है। कई मुकदमे कायम किए गए। गुंडा एक्‍ट तक लगाया गया। हम लोगों ने घटना से तीन दिन पहले ही घोरावल थाने को यह जानकारी दी थी कि जमीन कब्‍जा करने को लेकर ग्राम प्रधान का गुट हमला कर सकता है। बावजूद इसके ध्‍यान नहीं दिया गया और घटना हो गई। हम पर गोलियां चलाई गईं। जो गोेली खाकर गिर गए थे उनको हिलाकर देखा गया कि जिंदा तो नहीं हैं, किसी पर शक हुआ तो उसे एक गोली और मारी गई। करीब 300 लोग आए थे हमला करने। इनमें 150 लोग विवादित जमीन पर आए थे जबकि करीब 150 नदी पार खड़े थे। सभी मुख्‍य आरोपित ग्राम प्रधान ट्रैक्‍टर में भरकर लाया था। उनके साथ बंदूकें, डंडा, गड़ासा आदि हथियार भी थे। 

प्रियंका ने बताया कि कांग्रेस अपनी तरफ से पीडि़तों  की मदद करेगी। मृतक परिजनों को दस-दस लाख रुपये दिए जाएंगे और घायलों को भी कुछ सहायता राशि दी जाएगी। पीडि़त परिवारों से मिलने और मीडिया से बातचीत के बाद प्रियंका वाड्रा से वाराणसी के मंडलायुक्‍त व एडीजी ने गेस्‍ट हाउस के कमरे में कुछ देर वार्ता की। इसके बाद प्रियंका का धरना समाप्‍त हो गया। प्रियंका ने कहा मेरा मकसद पूरा हुआ। मुझे पीडि़त परिवारों से मिलना था, उनसे मिली और उनका हाल जाना।  

Posted By: Abhishek Sharma

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