जागरण संवाददाता, वाराणसी : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सात जुलाई को जब अपने संसदीय क्षेत्र काशी आएंगे तब 1812 करोड़ की परियोजनाओं की सौगात तो देंगे ही इनमें से ही एक अर्दली बाजार के एलटी कालेज परिसर स्थित अक्षय पात्र रसोई भी देखने जाएंगे। प्राथमिक विद्यालय के बच्चों का मिड-डे-मील बनाने की महत्वाकांक्षी परियोजना को 13.91 करोड़ की लागत से तैयार किया गया है। पीएम इसका निरीक्षण के साथ ही 50 बच्चों के साथ संवाद करेंगे। उनके साथ मिड-डे-मील का स्वाद भी लेंगे। प्रशासन की ओर से कुछ इसी तरह की तैयारी की जा रही है। इसके लिए बच्चों को ज्ञान-विज्ञान, संस्कृति-संस्कार आदि की शिक्षा देकर प्रशिक्षित किया गया है।

मम नाम: पलकनाथ अस्ति

पीएम के आगमन के मद्देनजर रविवार को तैयारियां परखने बनारस आए मुख्य सचिव दुर्गा प्रसाद मिश्र व डीजीपी देवेंद्र सिंह चौहान दोपहर में अक्षय पात्र रसोई पहुंचे। परिषदीय विद्यालय के बच्चों से बातचीत की। संस्कृत में कविता, गीत और महिषासुर मर्दिनी का पाठ सुना। इस दौरान

मुख्य सचिव के पूछने पर चंद्रावती चोलापुर की छात्रा ने अपना नाम संस्कृत में बताया, कहा-मम नाम: पलकनाथ अस्ति। इतना ही नहीं संस्कृत में प्रस्तुति दी। आराजीलाइन के भीखमपुर की आयुषी पटेल ने प्रधानमंत्री के कार्यों को लेकर अंग्रेजी में भाषण सुनाया तो महिला शिक्षक ममता पटेल ने प्रधानमंत्री के कार्यों को पिरो कर तैयार की गई कविता सुनाई। मुख्य सचिव बच्चों से काफी खुश हुए। बच्चों की वाकपटुता व प्रतिभा से प्रसन्न होकर मुख्य सचिव ने उन्हें 1100 रुपये नकद पुरस्कार भी दिया। प्रधानमंत्री के आगमन की दृष्ट से परिसर में आने के लिए पुलिस लाइन की तरफ हिंदी संस्थान की बाउंड्री तोड़ कर रास्ता बनाया गया है। सड़क का काम लगभग पूरा कर लिया गया है। अफसरों ने अक्षय पात्र में भोजन निर्माण की प्रक्रिया आदि को भी परखा।

मुख्य सचिव ने निरीक्षण के दौरान अधिकारियों से कार्य प्रगति के बारे में जानकारी लेने के साथ समयबद्ध तरीके से कार्य करने के बाबत अमूल के अधिकारियों को निर्देश दिया। पौधरोपण बाद अमूल प्लांट के ठीक सामने स्थित एग्रो पार्क के बारे में जानकारी ली। वही प्लांट के ठीक बगल में खाली व घास फूंस वाली जगह की साफ-सफाई करने का निर्देश दिया। बताते चलें कि गत वर्ष 23 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने करखियांव में बनास काशी संकुल (अमूल प्लांट) की आधारशिला रखी गयी थी।

यह प्लांट  वाराणसी ही नहीं बल्कि पूर्वांचल के लिए कई मायनों में उपयोगी साबित होगा। एक ओर जहां इस प्लांट से 50 किलोमीटर तक के गांव जुड़ जाएंगे। वहीं प्लांट के शुरू होने के बाद कंपनी की ओर से गांवों में दुग्ध कलेक्शन सेंटर भी खोले जाएंगे। हर गांव में दूध समिति बनाए जाने के साथ ही इस परियोजना में दूध के अलावा आइसक्रीम, पनीर, खोवा, मक्खन का भी उत्पादन होगा। निश्चित रूप से जब यह प्लांट जब तैयार हो जाएगा, तो पूरे वाराणसी और आसपास के लाखों किसानों को फायदा होगा।

Edited By: Saurabh Chakravarty