चंदौली, जेएनएन। इंतजार की घड़ियां अब खत्म होने को है, लगभग साढ़े नौ एकड़ में बने पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति स्थल का रविवार को पीएम नरेंद्र मोदी लोकार्पण करेंगे। यहां स्थापित अबतक की सबसे ऊंची पंडित जी की प्रतिमा का भी रिमोट से अनावरण करेंगे। जहां से पर्यटक एकात्म मानववाद के सिद्धांतों को आत्मसात कर विश्व भर में फैलायेंगे। इस दौरान पीएम नरेंद्र मोदी स्मृति स्थल में स्थापित प्रतिमा के समीप बने मंच से जनसभा को भी संबोधित भी करेंगे।

पंडित जी के विचारों और संदेशों को जन-जन तक पहुचायेंगे।शनिवार को पीएम के कार्यक्रम को लेकर पूरे दिन अधिकारी चक्रमण कर तैयारियों का जायजा लेते रहे। अंतिम समय तक मजदूर सुरक्षाकर्मियों की निगरानी में व्यवस्था में लगे रहे। उ.प्र. किसान गन्ना संस्थान में पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति स्थल का निर्माण कराया गया है। जहां से पर्यटक ज्ञान अर्जित कर देश-दुनिया में पंडित जी के विचारों को फैलायेंगे। इसी कड़ी में शनिवार की शाम करीब पांच बजे मुख्यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ चंदौली में पड़ाव स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति स्थल पहुंचे और पूरे कार्यक्रम की रुपरेखा का जायजा लिया।

बोले मुख्‍यमंत्री योगी अादित्‍यनाथ

एकात्म मानव दर्शन के माध्यम से समाज के अंतिम पायदान पर बैठे हुए व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचे।यही पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की भावनाएं थी। पिछले साढे पांच वर्षों से इस देश की जनता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सभी सपनें को साकार होते हुए देखा है। पूरा काशी और प्रदेश गौरव की अनुभूति करता है। उक्त बातें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को कहीं। मुख्यमंत्री उ.प्र.किसान गन्ना संस्थान में बने पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति स्थल व पीएम नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम की व्यवस्था का निरीक्षण करने पहुंचे थे।

कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के जिन सपनों को साकार करने के लिए प्रदेश व केंद्र सरकार लगी है। उससे संबंधित पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के इस भव्य स्मारक का लोकार्पण मोदी के कर कमलों से संपन्न होगा। साथ ही काशी से जुड़ी बारह सौ करोड़ रुपये की परियोजनाओं का लोकार्पण भी यहां पर संपन्न होगा है। देश के अंदर जिन जन आकांक्षाओं को नरेंद्र मोदी ने पिछले छह माह में पूरा किया है। उससे पूरी काशी और पूरा उत्तर प्रदेश प्रधान मंत्री के स्वागत के लिए उत्सुक है। प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में आम जनता और कार्यकर्ताओं की सहभागिता हो सके इसके लिए कार्यकर्ताओं को लगाया गया है।

सांस्कृतिक कार्यक्रम के लिए बना है एम्‍फी थियेटर

यहां पर सांस्कृतिक कार्यक्रम, गोष्ठी सहित अन्य छोटे कार्यक्रम के लिए एम्फी थिएटर का निर्माण कराया गया है। बीचों बीच लगभग एक गोलाकार स्‍थल बनाया गया है। जिसके चारों तरफ छह सीढियां बनाई गई हैं। जिस पर व्हाइट और ग्रीन ग्रेनाइट लगाया गया है। एम्पीथियेटर से सटा ही चेंजिंग रूम स्थापित है। पार्क में ग्रीन ग्रास, फूलों और पौधों से सजाया गया है। जिससे स्मृति स्थल में घूमने आये पर्यटकों को सुकून मिले। पार्क में टहलने के लिए पाथवे बनाया गया है जिसके किनारे ईंट से डिजाइन बनाया गया है

कुंड में झरने से गिरेगा जल

स्मृति स्थल में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 63 फिट ऊंची प्रतिमा स्थापित है। प्रतिमा के ठीक सामने कुंड का निर्माण किया गया है। जिसमें दो फिट जल सदैव रहेगा। जिससे जल में प्रतिमा का प्रतिबिंब पड़े तो सुंदरता निखरे। इसके अलावा कुंड की खासियत यह है कि कुंड में जैसे ही दो फिट से ज्यादा पानी होगा, वैसे ही जल फिल्टरेशन होकर एसटीपी के माध्यम से पुनः फाउंटेन से होकर कुंड में झरने के रुप में गिरेगा। पर्यटकों को लुभाने के लिए प्रतिमा के सामने एक सेल्फी प्वाइंट्स बनाया गया है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति स्थल में इंटरप्रिटेशन वाल पर पंडित जी के विचारों और सिद्धांतों को कलाकृतियों के माध्यम से उकेरा गया है। साथ ही पंडित जी के कुछ चित्र को बनाया गया है। 

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