वाराणसी में 'आनंद काशी' टाउनशिप का पीएम नरेन्द्र मोदी करेंगे शिलान्यास, पीएमओ को भेजी गई रिपोर्ट
वाराणसी में 77 एकड़ में 'आनंद काशी' नामक नई टाउनशिप विकसित की जा रही है, जिसके पहले चरण में वीडीए ...और पढ़ें

वाराणसी 'आनंद काशी' नामक नई टाउनशिप विकसित की जा रही है। (AI Image)

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जागरण संवाददाता, वाराणसी। शहर में 77 एकड़ भूमि पर नई टाउनशिप का विकास किया जाएगा, जिसमें पहले चरण में वीडीए ने एक हजार प्लॉट निकाले हैं। तीन दशक बाद वीडीए नई टाउनशिप बसाने जा रहा है। इस संबंध में शासन ने पीएमओ को रिपोर्ट भेज दी है। माना जा रहा है कि इसके बाद योजना आकार लेना शुरू कर देगी।
काशी की संस्कृति और आधुनिक शहर की सुविधाओं को एक ही परिसर में समाहित करने की महत्वाकांक्षी योजना ‘आनंद काशी’ अब अपने अगले चरण में पहुंच गई है। कल्लीपुर में विकसित की जा रही इस गेटेड सिटी के रेरा अनुमोदन की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। यदि सब कुछ योजना के अनुसार रहा, तो अगले सप्ताह से पंजीकरण प्रक्रिया शुरू हो सकती है।
वीडीए के उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा के अनुसार, आनंद काशी के पहले चरण में 1,004 आवासीय प्लॉट होंगे, जो लगभग 4,56,398.69 वर्गमीटर में विकसित किए जा रहे हैं। इसके अलावा, तीन ग्रुप हाउसिंग भूखंड, 108 व्यावसायिक भूखंड, एक शैक्षणिक, एक हेल्थकेयर, एक कम्युनिटी सेंटर और दो यूटिलिटी भूखंड प्रस्तावित हैं। आवासीय प्लॉट 72, 162, 200 और 288 वर्गमीटर के आकार में होंगे। टाउनशिप में 9, 12, 18 और 24 मीटर चौड़ी सड़कें विकसित की जा रही हैं।
काशी की पहचान को टाउनशिप की डिजाइन में भी शामिल करने की योजना है। लगभग दो हेक्टेयर यानी 4.94 एकड़ में केंद्रीय पार्क विकसित किया जाएगा, जिसमें नटराज की भव्य प्रतिमा और फव्वारे से सुसज्जित केंद्रीय प्लाजा होगा। इसके आसपास ओपन लान, एम्फीथिएटर, बच्चों का प्ले एरिया, मेडिटेशन गार्डन, वरिष्ठ नागरिक जोन, फ्लावर गार्डन, जॉगिंग ट्रैक और पैदल पथ होंगे। पार्क के चारों ओर पैदल-अनुकूल मार्केट प्लाजा और चार प्रमुख पैदल प्रवेश द्वार भी प्रस्तावित हैं।
योजना की बाउंड्री के पास लगभग 3.71 एकड़ में मियावाकी वन विकसित किया जाएगा। टाउनशिप में न्यूनतम 15 प्रतिशत क्षेत्र हरित क्षेत्र के रूप में विकसित करने की योजना है। जलापूर्ति, सीवरेज, बिजली और वर्षाजल निकासी जैसी मूलभूत सुविधाओं का विकास भी विभिन्न चरणों में चल रहा है।
वीडीए के अनुसार, काशी की थीम पर विकसित की जा रही यह पहली समेकित गेटेड सिटी होगी, जो लगभग 30 वर्षों के बाद बन रही है। रेरा अनुमोदन के बाद पंजीकरण शुरू होने से इस परियोजना को लेकर लंबे समय से चल रही प्रतीक्षा समाप्त होने की उम्मीद है।
इस टाउनशिप का उद्देश्य न केवल आवासीय सुविधाएं प्रदान करना है, बल्कि काशी की सांस्कृतिक धरोहर को भी संरक्षित करना है। यह परियोजना स्थानीय निवासियों के लिए रोजगार के अवसर भी उत्पन्न करेगी और क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। वाराणसी में इस तरह की योजनाएं न केवल शहर के विकास में सहायक होंगी, बल्कि यह काशी की पहचान को भी और मजबूत करेंगी।
इस टाउनशिप के माध्यम से वाराणसी में रहने वाले लोगों को आधुनिक सुविधाओं के साथ-साथ एक सुरक्षित और सुनियोजित आवासीय क्षेत्र उपलब्ध होगा। यह परियोजना न केवल स्थानीय लोगों के लिए बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए एक नई दिशा प्रदान करेगी। आशा है कि इस टाउनशिप के विकास से वाराणसी का चेहरा और भी खूबसूरत बनेगा और यह शहर एक आधुनिक नगरी के रूप में उभरेगा।
