विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

विश्वनाथ धाम के पास वाहन प्रतिबंध पर पुरोहितों-व्यापारियों ने रखे सुझाव, कहा - 'कारोबार पर संकट'

By Pradyuman Pandey RamuEdited By: Abhishek sharma
Published: Sun, 20 Sep 2026 12:40 PM (IST)

श्रीकाशी विश्वनाथ धाम के 2 किमी दायरे में वाहन प्रतिबंध के प्रस्ताव पर तीर्थ पुरोहितों और व्यापारियों ने बैठक कर ...और पढ़ें

काशी विश्वनाथ धाम ट्रैफिक प्लान: पुरोहितों और व्यापारियों ने रखे सुझाव।

काशी विश्वनाथ धाम ट्रैफिक प्लान: पुरोहितों और व्यापारियों ने रखे सुझाव।

जागरण संवाददाता, वाराणसी। श्रीकाशी विश्वनाथ धाम के दो किलोमीटर दायरे में ऑटो, ई-रिक्शा और चार पहिया वाहनों के प्रवेश पर रोक और गोल्फ कार्ट चलाने के ट्रैफिक पुलिस के प्रस्ताव पर तीर्थ पुरोहितों, स्थानीय नागरिकों और गलियों के व्यापारियों ने बैठक कर सुझाव दिए। इस बैठक की अध्यक्षता श्री काशी तीर्थ पुरोहित सभा के अध्यक्ष पं. कन्हैया त्रिपाठी ने की।

बैठक में वक्ताओं ने कहा कि यह पहल स्वागत योग्य है, लेकिन तीर्थ यात्रियों के अपने पुरोहितों तक पहुंचने, पर्यटकों और स्थानीय निवासियों की सुविधा का भी ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि घाट तक पर्यटकों के लिए 3-4 रिजर्व बैटरी वाहन (टोटो) चौराहा-घाट रूट पर तय समय और पार्किंग के साथ चलाए जाएं।

स्थानीय लोगों के आवागमन को छूट देने की मांग भी उठाई गई। इसके अलावा, सीमित संख्या में टोटो-टेम्पो को गिरजाघर-गोदौलिया तक समय निर्धारित कर अनुमति देने का सुझाव दिया गया। बैठक में यह भी कहा गया कि बिना लाइसेंस वाले अवैध टोटो-ऑटो जो जाम का मुख्य कारण बनते हैं, उन्हें सीज किया जाना चाहिए।

इस प्रकार के सुझावों से यह स्पष्ट होता है कि स्थानीय समुदाय इस मुद्दे को लेकर गंभीर है और वे चाहते हैं कि तीर्थ स्थल की व्यवस्था में सुधार हो। पुरोहितों और व्यापारियों ने यह भी कहा कि यदि उचित व्यवस्था की जाती है, तो इससे न केवल तीर्थ यात्रियों की सुविधा बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा।

बैठक में उपस्थित लोगों ने यह भी कहा कि यदि ट्रैफिक पुलिस के प्रस्ताव को लागू किया जाता है, तो इससे तीर्थ स्थल की सुंदरता और शांति बनी रहेगी। साथ ही, यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि स्थानीय निवासियों को किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।

इस बैठक में उठाए गए सुझावों को ध्यान में रखते हुए, उम्मीद की जा रही है कि प्रशासन इस दिशा में ठोस कदम उठाएगा। तीर्थ पुरोहित सभा के अध्यक्ष पं. कन्हैया त्रिपाठी ने कहा कि वे प्रशासन के साथ मिलकर इस मुद्दे को उठाएंगे और स्थानीय लोगों की आवाज को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करेंगे।

इस प्रकार की बैठकें यह दर्शाती हैं कि स्थानीय समुदाय अपने अधिकारों और सुविधाओं के साथ कारोबारी दुश्‍वार‍ियों के प्रति जागरूक है और वे प्रशासन से अपेक्षा करते हैं कि उनकी समस्याओं का समाधान किया जाए। वाराणसी जैसे धार्मिक स्थल पर इस प्रकार की व्यवस्थाएं न केवल तीर्थ यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाती हैं, बल्कि स्थानीय संस्कृति और व्यापार को भी सशक्त करती हैं।