वाराणसी, जेएनएन। मौसम के उलटफेर से हरी सब्जियों के भाव में हुई वृद्धि के कारण इन दिनों घर-घर आलू की खपत बढ़ गई है। ऐसे में जब बाजार में आलू की मांग बढ़ी तो उसकी कीमत में भी तेजी से उछाल आ गया। हाल यह है कि अब गरीबों की थाली से आलू भी गायब होने लगा है। पहडिय़ा मंडी के आढ़ती अभय कुमार ने बताया कि मंडी में सफेद आलू 26 से 27 सौ रुपये प्रति ङ्क्षक्वटल तो लाल आलू 28 से 29 सौ रुपये ङ्क्षक्वटल बिक रहा है। वर्तमान में प्रतिदिन 12 से 15 ट्रक आलू आगरा और फर्रुखाबाद से आ रहा है जो मांग के सापेक्ष कम है। स्टोर में भी आलू कम होने के कारण स्थानीय किसान स्टोर से आलू नहीं निकाल रहे हैं। उन्हें दामों में और उछाल होने की संभावना है। कुछ किसान बोआई करने के लिए भी आलू नहीं बेच रहे हैं।

रसोई अब सोयाबीन, राजमा और मटर के सहारे

हरी सब्जियों के दाम कम न होने के कारण अब रसोई में सोयाबीन, राजमा और मटर की खपत बढ़ गई है। गृहणियों का मानना है कि इससे रसोई का बजट नहीं बिगड़ेगा। इससे दाल और सब्जी दोनों का काम चल जा रहा है।

बरसात नहीं हुई तो 15 दिन में उतरेंगे सब्जियों के भाव

लमही मंडी के आढ़ती भोला जायसवाल ने बताया कि अन्य जिलों में बारिश से बाढ़ जैसी स्थिति हो गई है। इस कारण सब्जियों के दाम आसमान पर हैं। बताया कि अन्य जिलों व प्रदेशों से हरी सब्जियों की आवक नहीं हो रही हैं। यदि अब बरसात नहीं होगी तो आने वाले 15 दिन में सब्जियों के भाव उतरने की संभावना है।

सब्जियों की दर

सब्जी      थोक       फुटकर

नेनुआ    25-30    35-40

भिंडी    15-20     25-30

बैगन     35-40      40-50

लौकी    20-25     30-35

कोहड़ा  15-20      20-30

तरोई    25-30     30-35

परवल   60-65    65-75

बोड़ा     25-30     35-40

टमाटर    50-55   55-60

अदरक (नया) 50-60   70-80

अदकर (पुराना) 100-120   130-140

(नोट सभी रेट रुपये में प्रतिकिलो की दर से है)

 

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