वाराणसी : विकास प्राधिकरण कर्मचारियों की मिलीभगत से शहर के विभिन्न क्षेत्रों में आबाद हुई 583 अवैध कालोनियों और उसे बसाने वाले कालोनाइजरों पर शासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर वीडीए अवैध कालोनियों व कालोनाइजरों की फिर से सूची बनाने संग उनसे विकास शुल्क वसूलने की तैयारी कर रहा। इससे कालोनाइजरों में हड़कंप है। हालांकि, कालोनाइजरों से विकास शुल्क वसूलना वीडीए के लिए टेढ़ी खीर है।

कालोनाइजरों में फायदे के लिए विकास प्राधिकरण से बिना लेआउट पास कराए सैकड़ों अवैध कालोनियां बसा दी हैं। इन कालोनियों में सड़क, बिजली, पानी, पार्क, सीवर आदि मूलभूत सुविधाएं नदारद हैं।

- प्लाट बेचने के साथ मोड़ लेते मुंह

कालोनाइजर प्लाट बेचने के साथ पल्ला झाड़ लेते हैं, जबकि प्लाट बेचने के दौरान बुनियादी सुविधाएं देने का भरोसा दिलाते हैं। सुविधाओं के लिए कालोनीवासी धरना -प्रदर्शन करते हैं, जिससे माहौल बिगड़ता है और सरकार की छवि धूमिल होती है। इसे देखते हुए मद्देनजर आवास एवं शहरी नियोजन विभाग के प्रमुख सचिव नितिन रमेश गोकर्ण ने सभी डीएम और विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष को अवैध कालोनियों व कालोनाइजरों की सूची बनाने को कहा है, ताकि विकास शुल्क वसूल हो सके।

-2004 से नहीं पास हो रहे लेआउट

वर्ष 2004 में प्राधिकरण बोर्ड की बैठक में निर्णय हुआ कि कालोनी का लेआउट पास नहीं कराने वाले कालोनाइजरों से विकास शुल्क लिया जाए। विकास शुल्क के नाम पर कालोनाइजरों ने लेआउट पास कराना बंद कर किसानों से जमीन लेकर प्लाटिंग करने के बाद बिक्री शुरू कर दी।

-कालोनाइजर सीधे नहीं बेचते प्लाट

कालोनाइजर किसानों से जमीन लेकर अपने नाम रजिस्ट्री नहीं कराते। किसान को राशि देने के साथ 100 रुपये के स्टांप पर लिखा-पढ़ी करा लेते हैं। वहीं कुछ अपने नाम से सट्टा। प्लाट बेचने के बाद विवाद होने पर जमीन बेचने से मुकर जाते हैं।

- यहां आबाद हुई अवैध कालोनियां

सुसुवाही, नरिया, अमरा अखरी, डाफी, चितईपुर, बीएचयू के पीछे, रोहनिया, लोहता, डीरेका, ककरमत्ता, लहरतारा, शिवपुर, हरहुआ, बसहीं, बड़ा लालपुर, सोएपुर, नटनियादाई, पांडेयपुर, पहड़िया, आशापुर, लेढूपुर, तिलमापुर, मवैइया, सारनाथ आदि क्षेत्रों में कॉलोनाइजरों ने अवैध कालोनियां विकसित की हैं।

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यह भी जानें

- वर्ष 2002 में चिह्नित हुई थीं 211 अवैध कालोनियां

- जून में 372 अवैध कालोनियां और की गई चिह्नित

- जिले में करीब 113 वैध कालोनियां, कुल जिले में 47 बिल्डर्स है

- 28 रजिस्टर्ड बिल्डर वाराणसी बिल्डर्स डेवलेपर्स एसोसिएशन में।

Posted By: Jagran