वाराणसी, जागरण संवाददाता। श्री गुरु रविदास मंदिर जन्मस्थान सीरगोवर्धनपुर में संत रविदास जयंती पर देश विदेश से लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं के रहने खाने की व्यवस्था की जाती है। लेकिन कोरोना और ओमिक्रोन को देखते हुए मंदिर प्रबंधन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। मंदिर प्रबंधन की तरफ से व्यवस्था देख रहे ट्रस्टी के एल सरोये ने बताया कि पंजाब चुनाव और कोरोना संक्रमण के कारण श्रद्धालुओं की संख्या भी कम रहेगी और उसी के अनुरूप पंडालों में व्यवस्था की जा रही है।

संत रविदास जयंती की तैयारियों के लिए जल्द ही पंजाब और हरियाणा से सेवादारों का जत्था आने वाला है जिसके बाद तैयारियां तेज हो जाएंगी। कोरोना के कारण ट्रेनों का आवागमन भी काफी प्रभावित है जिसके कारण सेवादार और श्रद्धालुओं की संख्या भी कम रहेगी। ट्रस्टी सरोये ने बताया कि 15 - 20 पंडालों और लंगर हाल का काम किया जा रहा है ।

पंजाब चुनाव और कोरोना की चिंता : ट्रस्टी के एल सरोये ने बताया कि हर वर्ष जयंती मनाई जाती है लेकिन पंजाब चुनाव 14 फरवरी को है जबकि 16 फरवरी को जयंती होने के कारण चिंता का विषय बना है।चुनाव आयोग से कुछ दिनों के लिए चुनाव टालने की अपील और मंत्रियों से गुहार भी लगाई गई है।क्योंकि चुनाव के कारण जयंती की व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।इसके अलावा कोरोना संक्रमण और ओमिक्रोन को देखते हुए प्रबंधन की तरफ से मंदिर, पंडाल और सत्संग स्थल पर आधुनिक सैनिटाइजर और श्रद्धालुओं की संख्या पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

मंदिर प्रबंधन की तरफ से जयंती में आने वाले श्रद्धालुओं से अपील किया गया है कि कोविड को देखते हुए खुद के बिस्तर और कंबल साथ ही लेकर आएं। पंडालों में जाने वाले श्रद्धालुओं को कोरोना के मानकों का पालन करने के साथ ही मास्क और सैनीटाइजर के प्रयोग के निर्देश भी दिए जाएंगे ।

Edited By: Abhishek Sharma