आइआइटी बीएचयू में ‘TRACTION 2026' में उभरते उद्यमियों के लिए व्यावहारिक वेंचर का हुआ आयोजन
आइआइटी बीएचयू में तीन दिवसीय उद्यमिता कार्यक्रम 'ट्रैक्शन 2026' का समापन हुआ, जिसने छात्रों और उभरते उद्यमियों को व्यावहारिक वेंचर ...और पढ़ें

आइआइटी बीएचयू में 'ट्रैक्शन 2026' का समापन, उभरते उद्यमियों को मिला व्यावहारिक मार्गदर्शन।
HighLights
व्यावहारिक वेंचर निर्माण और स्टार्टअप इकोसिस्टम की समझ पर जोर।
आइआइटी बीएचयू के प्रतिष्ठित पूर्व छात्रों ने अनुभव साझा किए।
प्रतिभागियों को उत्पाद विकास और व्यवसाय रणनीति का ज्ञान मिला।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। आइआइटी बीएचयू में ‘ट्रैक्शन 2026: आपका विचार, आपका उद्यम, आपकी यात्रा।‘ के आयोजन का रविवार को समापन हो गया जहां पर उभरते उद्यमियों के लिए व्यावहारिक वेंचर निर्माण का अनुभव भी आयोजन में चर्चा में रहा।
आइआइटी बीएचयू, वाराणसी के नवोन्मेष, अभिपोषण एवं उद्यमिता केंद्र द्वारा आइडिएशन इनोवेशन एंड इन्क्यूबेशन फाउंडेशन, जॉइंट इन्क्यूबेशन सेंटर तथा ई-सेल, आई.आई.टी.(बी.एच.यू.) के सहयोग से आयोजित तीन दिवसीय उद्यमिता कार्यक्रम ट्रैक्शन 2026 का सफलतापूर्वक समापन हुआ। यह कार्यक्रम 2–4 अक्टूबर 2026 के दौरान आइआइटी बीएचयू स्थित ई-हॉल, I3F में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों, संकाय सदस्यों, उभरते उद्यमियों, नवोन्मेषकों, शोधकर्ताओं तथा प्रारंभिक चरण के स्टार्टअप्स को व्यावहारिक वेंचर निर्माण, ग्राहक सत्यापन, उत्पाद विकास और स्टार्टअप इकोसिस्टम की समझ में सहायता प्रदान करना था। आयोजन में प्रतिभागियों को विचार निर्माण से आगे बढ़कर व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने का अवसर दिया।
कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों के साथ संवादात्मक सत्र आयोजित किए गए, जिनमें प्रतिभागियों ने वेंचर निर्माण के विभिन्न चरणों पर कार्य किया। इनमें समस्या की पहचान, ग्राहक खोज, मिनिमम वायबल प्रोडक्ट, उत्पाद निर्माण, व्यवसाय रणनीति और फंडिंग की तैयारी शामिल थी। कार्यशालाओं, संस्थापकों के साथ संवाद, मेंटर क्लीनिक और व्यावहारिक अभ्यास के माध्यम से प्रतिभागियों को अपने विचारों को परखने और परिष्कृत करने का अवसर मिला।
आयोजन का एक प्रमुख आकर्षण संस्थान के प्रतिष्ठित पूर्व छात्रों की सहभागिता रही, जो विभिन्न क्षेत्रों में उद्यमी, निवेशक और उद्योग विशेषज्ञ के रूप में कार्यरत हैं। इन विशेषज्ञों ने अपने उद्यमशीलता के सफर और व्यावहारिक ज्ञान को प्रतिभागियों के साथ साझा किया। कार्यक्रम में राजीव गुप्ता, अमितावा साहा, डॉ. आनंद जायसवाल, धीरज डागा, सौरभ यादव, अकस्मत प्रधान, प्रखर यादव, प्रणव यादव, श्रीधर पार्थसारथी, रोहन पालीवाल, सुधांशु श्रीवास्तव और सौरभ सिंह जैसे विशेषज्ञों ने भाग लिया।
इन पूर्व छात्रों की सहभागिता ने कार्यक्रम को समृद्ध किया। प्रतिभागियों को उद्यमिता, वेंचर निर्माण, प्रौद्योगिकी के व्यावसायीकरण, ग्राहक अधिग्रहण, फंडिंग और व्यवसाय के विस्तार से संबंधित प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त हुआ। संवादात्मक सत्रों और मेंटरशिप के माध्यम से प्रतिभागियों को अनुभवी पेशेवरों से सीखने का अवसर मिला, जिन्होंने उद्यमों के निर्माण की चुनौतियों का सामना किया है।
कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागियों ने अपनी प्रगति की समीक्षा की, अपने मिनिमम वायबल प्रोडक्ट्स को परिष्कृत किया और अपनी वेंचर-बिल्डिंग यात्रा के परिणाम प्रस्तुत किए। इस अनुभव ने प्रतिभागियों को वास्तविक परिस्थितियों में वेंचर के निर्माण और सत्यापन के लिए व्यावहारिक दृष्टिकोण विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
