वाराणसी, जेएनएन। काशी में बनी पीपीई किट अब दूसरे राज्यों में भी जाएगी। महाराष्ट्र, तेलंगाना सहित अन्य राज्यों से तो जैम पोर्टल के माध्यम से इसकी डिमांड भी शुरू हो गई है। यहां के उद्यमियों ने टेंडर भर भी दिया है। उम्मीद है कि 15 जुलाई के बाद टेंडर निकले। इसके अलावा पिछले माह सरकार ने विदेशों में भी निर्यात का रास्ता साफ कर दिया है। इससे पीपीई किट विदेशों में भी भेजने की संभावना बढ़ गई है। डीआरडीओ से स्वीकृत पूर्वांचल में दो ही जगह वाराणसी एवं बलिया में पीपीई किट का उत्पादन हो रहा है। इसके अलावा अन्य दर्जनों व्यापारी पीपीई किट तैयार कर रहे हैं, जिनकी गुणवत्ता डीआरडीओ के मापदंड पर खरी नहीं उतरी है।

तेलंगाना के साथ ही चंदौली एवं डीएलडब्ल्यू से भी आई डिमांड

बताया जा रहा है कि इस तरह के किट निजी अस्पताल वाले मंगा रहे हैं। वहीं यहां पर दी स्माल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन की कार्यकारिणी के सदस्य गोविंद गोयल ने पटिया में मैसेज नंदराम का क्रिएशन नाम से इकाई खोली। इससे पहले जांच के लिए यहां से सात सैंपल डीआरडीओ कानपुर भेजे गए थे, जिसके बाद अनुमति मिली थी। उनके यहां प्रतिमाह सात से आठ हजार पीपीई किट का उत्पादन हो रहा है। गोविंद ने बताया कि इसी बीच महाराष्ट्र के वधरा, तेलंगाना के साथ ही चंदौली एवं डीएलडब्ल्यू से भी डिमांड आई है।

अच्छी गुणवत्ता के किट 500 रुपये तक में उपलब्ध

सारी प्रक्रिया जैम पोर्टल के माध्यम से होनी है। टेंडर भी भर दिया गया हैं। मांग बढऩे पर उत्पादन भी तत्काल बढ़ा दिया जाएगा। ऐसी तैयारी उनके यहां है। मालूम हो कि पहले चीन से 1000 से 1200 रुपये तक का किट आता था। अब भारत में ही अच्छी गुणवत्ता के किट 500 रुपये तक में उपलब्ध हैं। देश में उत्पादन अधिक होने के कारण थोक में तो ढाई से तीन सौ रुपये तक कीमत हो गई है।

Posted By: Saurabh Chakravarty

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