विद्युत उपकेंद्रों को व्यावसायिक केंद्र के रूप में विकसित करेगा पावर कार्पोरेशन, होगी अतिरिक्त आय
उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन अब सभी विद्युत उपकेंद्रों को व्यवसाय केंद्र के रूप में विकसित करेगा। इसका उद्देश्य उपभोक्ता संतुष्टि ...और पढ़ें

पावर कार्पोरेशन का बड़ा फैसला: विद्युत उपकेंद्र बनेंगे व्यवसाय केंद्र, बढ़ेगी आय और सेवा।
HighLights
विद्युत उपकेंद्रों को व्यवसाय केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।
उपभोक्ता संतुष्टि और राजस्व संग्रह में वृद्धि का लक्ष्य।
सेवा सुधार के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रयोग होगा।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। उपभोक्ता संतुष्टि बढ़ाने और राजस्व संग्रह में वृद्धि के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन अब जिले के सभी विद्युत उपकेंद्रों को व्यवसाय केंद्र (बिजनेस सेंटर) के रूप में विकसित करने जा रहा है। इस महत्वपूर्ण निर्णय से विद्युत व्यवस्था में सुधार के साथ-साथ उपभोक्ताओं को बेहतर और त्वरित सेवा उपलब्ध कराने का मार्ग प्रशस्त होगा।
अपर मुख्य सचिव ऊर्जा एवं पावर कार्पोरेशन के अध्यक्ष डा. आशीष कुमार गोयल ने मंगलवार को शक्ति भवन में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान विद्युत वितरण निगमों के प्रबंध निदेशकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक विद्युत उपकेंद्र को व्यावसायिक केंद्र के रूप में विकसित किया जाए।
इन केंद्रों पर कंप्यूटर सहित सभी आवश्यक उपकरण, संसाधन और पर्याप्त कार्मिकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए ताकि उपभोक्ताओं की शिकायतों का शीघ्र निस्तारण हो सके और राजस्व वसूली सुचारू रूप से हो। वाराणसी जोन प्रथम में वर्तमान में कुल 8,61,705 उपभोक्ता हैं।
इसमें ईडीसी वाराणसी के अंतर्गत चिरइगांव, हरहुआ और बरईपुर समेत 4,27,627 उपभोक्ता, ईडीयूसी प्रथम के अंतर्गत भेलूपुर, चौकाघाट, चेतमणि और मढ़ौली सहित 2,23,682 उपभोक्ता तथा ईडीयूसी द्वितीय के अंतर्गत मछोदरी, वरुणापार, सारनाथ और राजघाट समेत 2,10,396 उपभोक्ता शामिल हैं। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के मुख्य अभियंता अनिल कुमार वर्मा ने बताया कि व्यावसायिक केंद्रों के माध्यम से इन क्षेत्रों में सेवा की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार आएगा और राजस्व संग्रह में भी तेजी आएगी।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का भी होगा प्रयोग
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का भी प्रयोग किया जाएगा। उन्होंने राजस्व वसूली, स्मार्ट मीटरिंग, उपभोक्ता सेवाओं, तकनीकी कार्यों तथा मानव संसाधनों के बेहतर उपयोग को प्राथमिकता दिया जाएगा। मोबाइल संदेश और वाट्सएप के माध्यम से उपभोक्ताओं को गलत रीडिंग का बिल भेजने वाले वेंडरों के बिल से जुर्माना राशि काटी जाएगी।
