भदोही, जेएनएन। प्रदेश सरकार ने जिन लोगों को मुफ्त में रहने का ठिकाना दिया वही लोग अपना आवास गिरवीं रखकर आलीशान घर में रहने के लिए निकल गए और सरकारी आवास से कमाई करने लगे। दूसरे लोगों को आवास देकर कहीं और रहने के लिये चले गये लोगों के लिए अब प्रशासन सख्‍ती करने के मूड में आ गया है। अब जिनकी सुबह-शाम अपने आलीशान आवासों में गुजर रही है वह बिजली का बिल नहीं जमा कर रहे हैं। चूंकि आवंटी अब फरार हो चुके हैं, इसलिये बिजली का बिल उन्हीं के नाम पर आ रहा है। धीरे-धीरे छह साल गुजर गये और बकायेदारी बढ़कर साढ़े छह लाख रुपये तक हो गई। लेकिन अब बिजली विभाग के सिर के ऊपर पानी आ चुका है। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम कांशीराम आवासीय कालोनी के एक हजार आवंटियों को अंतिम नोटिस जारी करने जा रहा है।

रिकवरी सर्टीफिकेट के जरिये आरोपितों से बिल की पूरी अदायगी की जाएगी। कॉलोनी की बिजली भी काटी जा सकती है जिससे हर परिवार अंधेरे में हो जाएगा। जिले के अधिशासी अभियंता मनोज कुमार ने बताया कि कई बार चेतावनी के बाद भी कांशीराम शहरी आवास योजना के आवंटी बिजली बिल नहीं जमा कर रहे। ब्याज छूट और किश्तों में बिल जमा करने की सहूलियत के बाद भी बिल जमा करने में लोगों द्वारा रुचि नहीं ली जा रही, जिससे कॉलोनी का कनेक्शन काटकर आरसी काटी जाएगी।      

आवंटन के साथ मिला कनेक्शन

बिजली विभाग ने आवंटियों को आवास के एलाटमेंट के समय ही बिजली का कनेक्शन दिया था। इस दौरान एक हजार कनेक्शन बांटे गये थे, लेकिन बिजली का बिल जमा नहीं किया गया। विद्युत विभाग के जिम्मे 150 करोड़ रुपये बिल बाकी है। वसूली न हो पाने पर विभाग पर राजस्व का बोझ बढ़ता जा रहा है जबकि ग्राहकों की सहूलियत के लिए संपूर्ण सरचार्ज माफी योजना के अलावा किश्तों में बिल जमा करने का सहूलियत दिसंबर तक मिलेगी।

14 बकाएदारों के कनेक्शन कटे

बिजली विभाग के अफसरों ने शनिवार को रजपुरा आवासीय कालोनी फेज-1 और रामरायपुर क्षेत्र में भ्रमण किया। छह बकाएदारों ने पंजीकरण कराया जबकि 14 की बत्ती गुल की गई। 2.76 लाख की बकाया वसूली के अलावा तीन मीटर बाहर किए गए। जेई प्रमोद चौहान के नेतृत्व में टीम ने रजपुरा को निशाना बनाया।

Posted By: Abhishek Sharma

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