वाराणसी [संग्राम सिंह]। जल परिवहन की रफ्तार को धीमा करने वाले पीपा पुलों को अब हाईटेक आकार दिया जा रहा है। नीदरलैंड की तकनीक से अब यह पीपा पुल खुलेंगे और बंद होंगे। इस तकनीक से पुल 15 मिनट में खुलेंगे और 20 मिनट में बंद भी हो जाएंगे। इस कार्य को धरातल पर उतारने के लिए अब भारतीय अंतरदेशीय जलमार्ग प्राधिकरण ने नीदरलैंड की कंपनी हाइड्रोमास्टर को सर्वे की जिम्मेदारी सौंपी है। कंपनी ने पटना में तकनीकी परीक्षण कर लिया है और रिपोर्ट प्राधिकरण मुख्यालय को सौंप भी दी है।

अभी पीपा पुल को खुलने और बंद होने में चार से पांच घंटे लगते हैं। बीते दिनों गंगा में जल परिवहन की शुरूआत पीएम नरेंद्र मोदी ने बनारस से की है। पहला कंटेनर कोलकाता से बनारस पहुंचने में पीपा पुलों की बाधा उत्पन्न हुई थी, तभी से अधिकारी ऐसी तकनीक खोजने में जुटे थे ताकि पुल कम न्यूनतम समय में खुले और बंद भी हो जाएं। बता दें कि करीब 17 पीपा पुल हैं कोलकाता से प्रयागराज तक, सभी पुलों में इसी तकनीक को प्रभावी करने की तैयारी है। प्राधिकरण के मुख्य अभियंता रविकांत ने बताया कि सर्वेक्षण हो चुका है। जल्द ही इंस्टाल भी कर लिया जाएगा। सर्वे में सकारात्मक परिणाम निकले हैं, रिपोर्ट के आधार पर परियोजना पर काम शुरू किया गया है।

क्या है तकनीक : पीपा पुल के बीच में इंजन और प्रोपेलर यानी पंखायुक्त एक पॉटून लगा होगा। जो जहाज के पहुंचते ही एक बटन की मदद से घड़ी की सूई की तरह पुल से अलग होकर खुल जाएगा, इस पूरी प्रक्रिया में अधिकतम 15 मिनट लगेंगे। जब जहाज आगे गुजर जाएगा तो उसे वापस बंद किया जा सकेगा।

रो-रो जहाज की डिजाइन फाइनल : गंगा में प्रयागराज से वाराणसी के बीच में रो-रो सेवा संचालित होनी है। नवंबर में बनारस आए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इसकी घोषणा भी की थी। अब जलमार्ग प्राधिकरण ने रो-रो जहाज की डिजाइन भी फाइनल कर दी है। यह जहाज भी बहुत जल्द ही जलमार्ग-प्रथम पर रफ्तार भरेंगे।

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