वाराणसी, जागरण संवाददाता। जिस 300 ग्राम सोना के चलते ओंकालेश्वर निवासी अशरफ अली के पुत्र सलमान (19) की जान गई थी, उसे उड़ाने वालों तक आखिरकार पुलिस पहुंच ही गई। इसमें चौक, मैदागिन से राजघाट और मुगलसराय के गेस्ट हाउस के सीसीटीवी कैमरों ने न केवल मदद की, बल्कि जालसाजों का पता-ठिकाना भी दिया। एक आरोपित की निशानदेही पर ज्वेलर्स के यहां से बेचा गया उसके हिस्से का सोना भी बरामद कर लिया गया है। एडीसीपी काशी जोन राजेश कुमार पांडेय ने शनिवार को अभियुक्तों को मीडिया के सामने पेश करते हुए घटना का विवरण प्रस्तुत किया।

दरअसल, 11 सितंबर को रेशम कटरा के स्वर्ण व्यवसायी करीम के यहां कार्य करने वाले आभुषण कारीगर सलमान की चोरी के आरोप में पिटाई की थी। इस दौरान युवक ने बार-बार अपने साथ धोखाधड़ी की बात दोहराता रहा, लेकिन दुकानदार ने एक न सुनी। बाद में हालत बिगड़ने पर सलमान की मौत हो गई। सलमान के पिता ने कोतवाली थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। जिसके बाद डीसीपी काशी अमित कुमार के निर्देश पर चौक व कोतवाली पुलिस की बनाई गई संयुक्त टीम ने सर्विलांस की सहायता से सलमान के साथ धोखाधड़ी कर सोना उड़ाने वाले दो आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया। दोपहर बाद दोनों को जेल भेज दिया गया। गिरफ्तारी करने वाली टीम में थाना कोतवाली के एसआई प्रभाकर सिंह, एसआई अखिलेश वर्मा, एसआई रामरतन पांडेय, चौक थाना के एसआई प्रकाश सिंह, एसआई सौरभ पांडेय आदि थे।

कैमरों ने दिया जालसाजों का पता : पुलिस टीम ने चौक, मैदागिने से लेकर मुगलसराय तक 150-200 सीसीटीवी फुटेज को खंगाला। इसमें संदिग्धों के मुगलसराय जाने का पता चला। वहीं मुगलसराय के होटल मनमोहन गेस्ट हाउस के सीसीटीवी फुटेज में दोनों दिखे। गेस्ट हाउस के रजिस्टर से दोनों का नाम, पता और मोबाइल नंबर मिला। मोबाइल नंबर की सीडीआर (काल डिटेल रिकार्ड) से आरोपित इरफान का लोकेशन थाना किशनगंज सिटी के वार्ड नंबर चार पानीबाग जनपद किशनगंज-बिहार में मिला। फिर क्या टीम 24 की सुबह किशनगंज पहुंची और आरोपित को गिरफ्तार कर लिया। उसकी निशानदेही पर उसके हिस्से का बेचा गया सोना राजअलंकार ज्वैलर्स सोनारपट्टी किशनगंज से बरामद किया गया। वहीं वाराणसी आते समय इरफान की निशानदेही पर दूसरे आरोपित इकबाल हुसैन निवासी वार्ड नंबर-तीन बर्फखाना जावरा रतलाम-मध्य प्रदेश को बीती रात राजघाट पुल के पास से गिरफ्तार कर लिया। इकबाल के पास से आभूषण बिक्री का 3150 रुपये भी मिले।

भीड़ वाले स्थानों पर सीधे-सादे लोगों को बनाते थे निशाना : एडीसीपी काशी जोन राजेश कुमार पांडेय ने बताया कि आरोपित शहर के भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर व बाजारों में घूम घूम कर लोगों को अपने बातचीत में उलझाकर या धोखाधड़ी कर उनके पास से सोना-चांदी या पैसे लेकर चंपत हो जाते थे। इसी कड़ी में दोनों आरोपित 11 सितंबर को रेशम कटरा पहुंचे थे, जहां सोने-चांदी का बड़ा कारोबार होता है।

आंख बंद कर कुछ दूर चलने को कहा और सोना ले भागे : दोनों जालसाज संग एक और आरोपित 11 सितंबर को रेशम कटरा क्षेत्र में थे। सलमान को रोककर खुद को फकीर बताते हुए अपनी बातों में उलझाना चाहा। मगर वो जालसाजों के झांसे में नहीं आया। इसके बाद तीनों ने यह कहते हुए डराया कि बात नहीं मानोगे तो मैं बद्दुआ देकर तुम्हारी अम्मी की जान ले लूंगा और तुम्हारा भी बहुत बड़ा नुकसान करा दूंगा। इस पर उसने अपने पास रखा आभूषण जालसाजों को दे दिया। जालसाजों ने उसके फायदे के लिए कुछ दूर आंख बंद कर चलने को कहा। सलमान ने वैसा ही किया। इतने में तीनों आभूषण लेकर चंपत हो गए।

Edited By: Abhishek Sharma